उन्नाव: शव दफनाने को लेकर दो पक्ष भिड़े, पुलिस ने मुश्किल से कराया मामला शांत

पूरा मामला उन्नाव के गांव मर्दन खेड़ा का है. यहां गुरुवार सुबह करीब 9 बजे उस समय माहौल बिगड़ गया, जब मृतक जमालुद्दीन के शव दफनाने को लेकर दो पक्ष भिड़ गए. 

उन्नाव: शव दफनाने को लेकर दो पक्ष भिड़े, पुलिस ने मुश्किल से कराया मामला शांत
एसडीएम सदर दिनेश कुमार भारी पुलिस बल वर राजस्व अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच गए. दोनों पक्षों के लोगों को बैठा कर प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी समझाने के प्रयास जुट गए.

दयाशंकर/उन्नाव: उन्नाव में गुरुवार कब्रिस्तान की भूमि चिन्हित न होने से शव दफनाने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए. यहां दो पक्षों में बढ़ते विवाद से आपसी माहौल बिगड़ने लगा. वहीं, दोनों पक्ष जमीन पर अपना-अपना दावा करने लगे. मामले की जानकारी मिलते ही एसडीएम व सीओ ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर हालात सामान्य कराए. करीब 9 घंटे की मशक्कत के बाद जिला प्रशासन ने कब्रिस्तान की भूमि अलग स्थान पर चिन्हित कर शव को दफन कराया. वहीं, आपसी सौहार्द ना बिगड़ने पाए इसके लिए गांव में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. पुलिस की सजगता से एक बड़ा विवाद होने से बच गया.

पूरा मामला उन्नाव के गांव मर्दन खेड़ा का है. यहां गुरुवार सुबह करीब 9 बजे उस समय माहौल बिगड़ गया, जब मृतक जमालुद्दीन के शव दफनाने को लेकर दो पक्ष भिड़ गए. एक पक्ष का कहना था कि जहां वह शव दफनाने गए जा रहे हैं, वह कब्रिस्तान की जगह है. वहीं, दूसरे पक्ष ने ग्राम समाज की जमीन बताकर विरोध किया और शव दफनाने से रोक दिया. इस दौरान दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए और बात इतनी बढ़ गई कि कुछ लोगों में हाथापाई तक हो गई. ग्रामीणों की सूचना पर आनन-फानन में माखी व अजगैन थाना की पुलिस मौके पर पहुंची. साथ ही प्रशासनिक अफसरों ने भी मोर्चा संभाल लिया. पुलिस ने बवाल करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी देकर हंगामा कर रही भीड़ को तितर-बितर कर दिया.

वहीं, एसडीएम सदर दिनेश कुमार भारी पुलिस बल वर राजस्व अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच गए. दोनों पक्षों के लोगों को बैठा कर प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी समझाने के प्रयास जुट गए. पूरे घटनाक्रम पर डीएम व एसपी पल पल की मातहतों से अपडेट लेते रहे. इस दौरान एसडीएम दिनेश कुमार व सिटी मजिस्ट्रेट राकेश कुमार ने लेखपाल व कानूनगो की मदद से विवादित जमीन की पैमाइश शुरू कराई. करीब 5 घंटे चली प्रक्रिया में जिस जमीन पर एक पक्ष कब्रिस्तान होने का दावा कर रही था, वह जमीन कागजों पर ग्राम समाज की निकली. इसके बाद अधिकारियों ने वहीं से कुछ दूरी पर कब्रिस्तान की भूमि चिन्हित कर विवाद को शांत कराया. एहतियातन गांव में एक प्लाटून पीएससी कंपनी को कैंप कराया गया है.