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जवाहर बाग कांड: रामवृक्ष के करीबी बोस, उसकी पत्नी सहित दस अभियुक्तों की रिहाई के आदेश

जवाहर बाग में हजारों समर्थकों के साथ नाजायज कब्जा कर लेने के आरोपी रामवृक्ष यादव के मुख्य सहयोगी बोस, उसकी पत्नी पूनम, राहुल, चरण सिंह, नवल किशोर मौर्य, प्रिंस कुमार, योगेंद्र, प्रेमपाल, रामायण प्रसाद तथा राजेश कुमार के खिलाफ भादंसं की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था.

जवाहर बाग कांड: रामवृक्ष के करीबी बोस, उसकी पत्नी सहित दस अभियुक्तों की रिहाई के आदेश
प्रतीकात्मक तस्वीर

मथुरा: मथुरा जिले की एक अदालत ने सोमवार को जवाहर बाग काण्ड के मुख्य अभियुक्त रामवृक्ष यादव के मुख्य सहयोगी चंदन बोस तथा उसकी पत्नी पूनम तिवारी सहित दस आरोपियों को सरकारी कर्मियों तथा आम जनता के साथ मारपीट करने सहित अन्य मामलों में दोष सिद्ध न हो पाने पर रिहा करने के आदेश कर दिए. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन (द्वितीय) जहेंद्र पाल सिंह की अदालत में हुई सुनवाई के बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ता एलके गौतम ने बताया कि वर्ष 2016 की घटना के संबंध में किसी भी आरोपी के दोषी नहीं पाए जाने पर उन्हें रिहा करने का आदेश दिया गया.

गौरतलब है कि इस संबंध में थाना सदर में जवाहर बाग में हजारों समर्थकों के साथ नाजायज कब्जा कर लेने के आरोपी रामवृक्ष यादव के मुख्य सहयोगी बोस, उसकी पत्नी पूनम, राहुल, चरण सिंह, नवल किशोर मौर्य, प्रिंस कुमार, योगेंद्र, प्रेमपाल, रामायण प्रसाद तथा राजेश कुमार के खिलाफ भादंसं की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था.

गौरतलब है कि इस घटना के कुछ ही दिन बाद दो जून 2016 को इन कब्जाधारियों को बाग से बाहर निकालने के प्रयास में पुलिस और अतिक्रमणकारियों के मध्य हुए खूनी संघर्ष में तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी तथा फरह के थानाध्यक्ष संतोष यादव सहित 29 लोग मारे गए थे तथा बड़ी संख्या में पुलिस व अतिक्रमणकारी घायल हुए थे. तभी से तकरीबन एक सौ से अधिक अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कई मुकदमे चल रहे हैं जिनमें आरोपी आधा दर्जन से अधिक लोगों की विभिन्न बीमारियों के कारण मृत्यु हो चुकी है.