आयोध्या के DM ने पेश की मिसाल, दिल्ली गाड़ी भेज मासूमों के लिए मंगाई स्पीच थैरिपी की बैटरी

आयुष और पीयूष को सुनाई नहीं देता है. इसके लिए वह मशीन का सहारा लेते हैं. दोनों का दिल्ली के सफदजंग अस्पताल से कॉक्लियर इम्प्लांट शल्य चिकित्सा की गई थी. इसके बाद दोनों को स्पीच थैरेपी के लिए हियरिंग मशीन न्यूरो प्रॉस्टेटिक डिवाइस लगाई गई.

आयोध्या के DM ने पेश की मिसाल, दिल्ली गाड़ी भेज मासूमों के लिए मंगाई स्पीच थैरिपी की बैटरी

अयोध्या: अयोध्या के जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने दो मासूम बच्चों की जान बचाने के लिए 600 किलोमीटर गाड़ी भेजकर हियरिंग मशीन न्यूरो प्रॉस्टेटिक डिवाइस के लिए बैटरी मंगवा कर दी. जिसकी वजह से पूरे जिले में उनकी तारीफ हो रही है.
 
दरअसल दो बच्चे आयुष और पीयूष को सुनाई नहीं देता है. इसके लिए वह मशीन का सहारा लेते हैं. दोनों का दिल्ली के सफदजंग अस्पताल से कॉक्लियर इम्प्लांट शल्य चिकित्सा की गई थी. इसके बाद दोनों को स्पीच थैरेपी के लिए हियरिंग मशीन न्यूरो प्रॉस्टेटिक डिवाइस लगाई गई.

यह मशीन बैटरी से चलती है. यह मशीन एक बार बैटरी लगाने से 10 घंटे काम करती है. मासूमों के माता-पिता कुछ बैटरी दिल्ली से लेकर अयोध्या आ गये थे, लेकिन लॉकडाउन की वजह से वो दोबारा दिल्ली नहीं जा सके. इसी बीच बैटरी की चार्जिंग खत्म हो गई जिसकी वजह से मासूमों के सुनाई में दिक्कत आने लगी. जब बच्चों के माता-पिता ने इस बात को जिलाधिकारी अनुज कुमार झा से साझा किया तो उन्होंने 600 किलोमीटर दूर दिल्ली गाड़ी भेजकर बैटरी मंगवाई. 

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जिलाधिकारी ने बैटरी के लिए स्पेशल गाड़ी दिल्ली भेजी
अयोध्या के बड़ागांव सोहावल के निवासी काशी कमल चौरसिया दिल्ली में मजदूरी करते थे, लेकिन कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन की वजह से वो अपने जिले अयोध्या में फंस गये. बच्चों की थैरेपी के लिए बैटरी भी नहीं खरीद सके. सभी आशाएं खत्म होने के बाद काशी कमल ने जिलाधिकारी अनुज कुमार झा से मदद की गुहार लगाई. इसके बाद डीएम ने मेडिकल उपकरण लाने वाली गाड़ी को स्पेशली दिल्ली भेजा और वहां से न्यूरो प्रास्टेटिक डिवाइस हियरिंग मशीन की 60 बैटरी मंगवाकर काशी कमल को दी.

जिलाधिकारी की सहायता से खुश हैं आयुष व पीयूष के माता-पिता
आयुष व पीयूष की मां इंद्रावती जिलाधिकारी की इस सहायता से बेहद खुश हैं. उनका कहना है की आज उनके बच्चों का भविष्य बच गया है. जिलाधिकारी अनुज कुमार झा का कहना है की उनको प्रतिदिन हजार की संख्या में व्हाट्सऐप पर मैसेज आते हैं. उन्ही मैसेज में काशी कमल का मैसेज मिला. जिसके बाद हमने अपने मित्र से बात किया और बैटरी कहां मिलेगी इसके बारे में जानकारी ली और तत्काल एक स्पेशल वाहन भेजकर बैटरी दिल्ली से मंगवाई.