डॉ कफील खान ने कहा- BRD अस्पताल में बच्चों की मौत पर राजनीति कर रहे हैं सीएम योगी

डॉ कफील खान ने बच्चों की मौत पर सीएम योगी द्वारा राजनीति करने और लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया.

डॉ कफील खान ने कहा- BRD अस्पताल में बच्चों की मौत पर राजनीति कर रहे हैं सीएम योगी
डॉ कफील खान फिलहाल जमानत पर बाहर हैं.

लखनऊ: सीएम योगी के ताजा बयान को लेकर BRD मेडिकल कॉलेज हादसा मामला एकबार फिर से सुर्खियों में है. सीएम योगी के ताजा बयान पर उस मामले के मुख्य आरोपी डॉ कफील खान, जो इंचार्ज भी थे उन्होंने कहा कि इस मामले में सीएम राजनीति कर रहे हैं और लोगों को गुमराह करने की कोशिश हो रही है. डॉ कफील खान ने कहा कि सीएम का यह दावा कि बच्चों की मौत ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई, सरासर झूठ है. उस हादसे में कई ऐसे बच्चों की भी मौत हुई जिनका तुरंत जन्म हुआ था. BRD अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई करने वाले ने चिट्ठी लिखकर अस्पताल प्रशासन से बकाया राशि भुगतान करने की मांग की थी. बता दें, उस मामले में डॉ कफील खान को करीब 9 महीने बाद जमानत मिली और वर्तमान में वे जमानत पर ही बाहर हैं.

दरअसल, 25 अगस्त को पोषण अभियान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने BRD मेडिकल कॉलेज हादसे पर बयान दिया था. उन्होंने कहा कि बच्चों की मौत वहां के डॉक्टरों की आंतरिक राजनीति के कारण हुई. आंतरिक राजनीति की वजह से ही मीडिया में यह खबर गई कि बच्चों की मौत ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई. लेकिन, इसमें कोई सच्चाई नहीं है. अगर बच्चों की मौत ऑक्सीजन की कमी की वजह से होती तो सबसे पहले उन बच्चों की मौत होती जो वेंटिलेटर पर थे. लेकिन, ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. 

 

 

उस कार्यक्रम में सीएम योगी ने बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज हादसे पर खुलकर बातचीत की. उन्होंने कहा कि घटना के अगले दिन मैंने गोरखपुर का कार्यक्रम बनाया. मैंने लोगों से पूछा कि आखिर इतने बड़े हादसे की क्या वजह है. वजह जानकर मैं हैरान रह गया. पूछताछ के दौरान पता चला कि आंतरिक राजनीति की वजह से इतना बड़ा हादसा हुआ है और मीडिया तक गलत खबरें पहुंचाई गईं. अगर ऑक्सीजन की कमी से ही बच्चों की मौत हुई होती तो सबसे पहले उन बच्चों की मौत होती जो वेंटिलेटर पर थे.

 

 

घटना की पूरी जानकारी मिलने के बाद मुझे पता चला कि वहां डॉक्टर राजनीति में लगे रहते हैं, जिससे सही समय पर मरीजों को इलाज नहीं मिल पाता है. बाद में हमने डॉक्टरों की काउंसिलिंग करवाई. मैंने डॉक्टरों से कहा कि आपका काम राजनीति करना नहीं है. आपका काम केवल मरीजों का उचित इलाज करना है और इसके अलावा जो कुछ समस्याएं हैं उसे देखने का काम सरकार का है.