बहराइच जिला अस्पताल में डॉ कफील खान पर हंगामा करने का आरोप, हिरासत में लिए गए

70 से ज्यादा बच्चों की मौत के बाद डॉ कफील बहराइज जिला अस्पताल पहुंचे थे. उनके पहुंचने पर हंगामा शुरू हो गया.

बहराइच जिला अस्पताल में डॉ कफील खान पर हंगामा करने का आरोप, हिरासत में लिए गए
डॉ कफील खान को हंगामा करने के चलते पुलिस ने हिरासत में लिया है.

बहराइच: बहराइच में दिमागी बुखार की वजह से 45 दिनों में 70 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है. इस घटना को लेकर BRD मेडिकल कॉलेज के बर्खास्त डॉक्टर कफील खान बहराइच जिला अस्पताल पहुंचे. यहां उन्होंने बच्चा वार्ड का जायजा लिया. इस दौरान वे पीड़ित परिवारों से भी मिले. अस्पताल प्रशासन ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो वहां बवाल हो गया. सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और डॉ कफील खान को हिरासत में लिया गया. जानकारी के मुताबिक, पुलिस उन्हें गुप्त जगह पर ले गई. फिलहाल, उनसे पूछताछ की जा रही है.

जानकारी के मुताबिक, डॉ कफील खान इस मामले को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करने वाले थे. पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद डॉ कफील के भाई आदिल खान ने कहा कि उन्हें जिला अस्पताल से करीब 10 किलोमीटर दूर शुगर मील ले जाया गया है. किसी को भी अंदर घुसने की इजाजत नहीं है. उनके साथ जितने भी लोग आए थे सभी को गेट पर ही रोक दिया गया है.

Dr Kafeel Khan
यूपी में दिमागी बुखार की वजह से अब तक 150 बच्चों की मौत हो चुकी है. (फाइल फोटो)

प्रदेश के कई जिले जानलेवा बुखार की चपेट में हैं. बहराइच में इसका सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है. बहराइच की घटना ने एकबार फिर से उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है. जानकारी के मुताबिक, दिमागी बुखार से प्रदेश में अब तक 150 लोगों की मौत हो चुकी है. बहराइच जिला अस्पताल में चारों तरफ मरीज ही मरीज दिखाई दे रहे हैं. अस्पताल में जितनी बेड की क्षमता है उससे कई गुना ज्यादा मरीज भर्ती हैं, जिसकी वजह से मरीज जमीन पर भी लेटे हुए हैं.

इस बीच संक्रामक रोग पर लगाम के लिए सीएम योगी ने सभी जनपदों में प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए हैं. मलेरिया और मच्छरों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अंतर्विभागीय समन्वय स्थापित करने तथा स्वच्छता अभियान को पूर्ण गति से संचालित करने के भी निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर निरोधात्मक और उपचारात्मक कार्रवाई की जा रही है.