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उत्तराखंड: बारिश से अलकनंदा और मंदाकिनी में उफान, केदारनाथ हाइवे 2 जगहों पर हुआ बंद

रुद्रप्रयाग जिले में देर रात से सुबह तक बारिश जारी रही, जो सुबह बंद हो गई. अभी भी जिला मुख्यालय में बारिश होने के आसार नजर आ रहे हैं, जबकि केदारघाटी में बूंदा-बांदी जारी है.

उत्तराखंड: बारिश से अलकनंदा और मंदाकिनी में उफान, केदारनाथ हाइवे 2 जगहों पर हुआ बंद
लगातार हो रही बारिश के कारण केदारनाथ हाईवे दो जगहों पर बंद हो गया है. बांसबाड़ा में लगातार पत्थरों की बारिश हो रही हैं.

रुद्रप्रयाग: मौसम विभाग के अलर्ट के बाद रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन भी एहतियात बरते हुए है. चमोली जिले में तेज बारिश होने से अलकनंदा नदी का जल स्तर काफी बढ़ गया है. केदारघाटी में लगातार हो रही बारिश से मंदाकिनी भी उफान पर है. मंदाकिनी व अलकनंदा नदियों के किनारे बसे लोगों को अलर्ट जारी किया गया है. उन्हें सलाह दी गई है कि वे नदियों का जल स्तर बढ़ने पर सुरक्षा के लिहाज से सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाएं. 

रुद्रप्रयाग जिले में देर रात से सुबह तक बारिश जारी रही, जो सुबह बंद हो गई. अभी भी जिला मुख्यालय में बारिश होने के आसार नजर आ रहे हैं, जबकि केदारघाटी में बूंदा-बांदी जारी है. लगातार हो रही बारिश के कारण केदारनाथ हाईवे दो जगहों पर बंद हो गया है. बांसबाड़ा में लगातार पत्थरों की बारिश हो रही हैं. सफर कर रहे लोगों को 24 घंटे खतरा बना हुआ हैं. क्योंकि बांसबाड़ा में लगातार पत्थरों की बारिश हो रही है. राजमार्ग के जामू और फाटा में भारी मलबा आने से राजमार्ग पर सफर करना किसी खतरे से खाली नहीं है. 

केदारनाथ आने वाले तीर्थयात्री राजमार्ग खुलने का इंतजार कर रहे हैं. इसके साथ ही बारिश से जिले के सात लिंक मार्ग भी बंद पड़े हैं. ग्रामीण जनता को जिला मुख्यालय एवं ब्लॉक मुख्यालय पहुंचने के लिए मीलों पैदल चलना पड़ रहा है. लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है. लोगों को आने-जाने में दिक्कतें हो रही हैं. वहीं, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी समय से नहीं हो पा रही है.

अलकनंदा नदी का जल स्तर बढ़ने से मुख्यालय के बेलणी पुल के नीचे नगर पालिका के स्नान घाट में बनाई गई शिव की मूर्ति के गले तक पानी आ गया है. यदि ऐसे ही जल स्तर बढ़ता रहा तो आस-पास के भवनों को खतरा पैदा हो जायेगा और उन्हें अपने आशियानों को छोड़कर जाना पड़ेगा. जिला प्रशासन की ओर से भी नदी किनारे बसे लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है.