स्मृति ईरानी का प्रियंका गांधी पर हमला, कहा- काशी में जाती हैं शिवालय और अमेठी में पढ़ती हैं नमाज

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने शनिवार को वाराणसी में नागरिकता संशोधन काननू के समर्थन में आयोजित जन जागरूकता रैली में कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा.  

स्मृति ईरानी का प्रियंका गांधी पर हमला, कहा- काशी में जाती हैं शिवालय और अमेठी में पढ़ती हैं नमाज
वाराणसी में नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में आयोजित रैली को संबोधित करती केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी.

वाराणसी: केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी शनिवार को वाराणसी में थीं. उन्होंने यहां नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में आयोजित जन जागरूकता रैली को संबोधित किया. इस दौरान मंच पर उत्तर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी उपस्थित रहे. स्मृति ईरानी ने अपने संबोधन के दौरान नगारिकता संशोधन कानून को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर जमकर निशाना साधा.

स्मृति ईरानी ने कहा कि 72 साल बाद भी कांग्रेस के पास जवाब नहीं है कि धर्म के आधार पर देश के विभाजन को उन्होंने क्यों स्वीकार किया. उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा, 'पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की संख्या 23 प्रतिशत से घटकर 3 प्रतिशत हो गई, लेकिन कांग्रेस के कानों पर जूं तक नहीं रेंगा. पाकिस्तान में भारत की बेटियों का बलात्कार होता रहा, कांग्रेस के कानों पर जूं तक नहीं रेंगा.' 

'अमेठी में मस्जिद और काशी में शिवालय दर्शन करती हैं प्रियंका गांधी'
प्रियंका गांधी वाड्रा पर तंज कसते हुए स्मृति ईरानी ने कहा, 'कांग्रेस की एक नेता अमेठी में मस्जिद में जाकर नमाज पढ़ती हैं और काशी में शिवालय में जाती हैं. पूछती हैं कि क्या चुनाव लड़ें? और फिर भाग जाती हैं.' उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी बाटला हाउस कांड पर तो रोती हैं, लेकिन पाकिस्तान में हिंदुओं के हालात पर नहीं रोती हैं.

राहुल गांधी की दस पुश्तें भी सावरकर नहीं बन सकतीं: स्मृति ईरानी
स्मृति ईरानी ने वीर सावरकर का मुद्दा भी उछाला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वीर सावरकर को लज्जित किया है. उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, 'मैं उस आदमी से पूछना चाहती हूं कि जिसे अमेठी की जनता ने भगा दिया. वो कहता है कि मैं सावरकर नहीं बन सकता. मैं राहुल गांधी को बोलना चाहती हूं कि आपकी दस पुश्तें भी सावरकर नहीं बन सकतीं.'