UP: लखनऊ में शुरू हुई 'इमरजेंसी बटन सर्विस', सीधे पुलिस कंट्रोल रूम से होगा लोगों का संपर्क

इस सिस्टम के माध्यम से लोग सड़क हादसे या अन्य किसी घटना की जानकारी भी पुलिस को दे सकेंगे. किसी आकस्मिक स्थिति में इस सिस्टम का इस्तेमाल कर जरूरतमंदों के लिए विशेष ग्रीन कॉरिडोर तैयार करने में भी मदद मिलेगी. 

UP: लखनऊ में शुरू हुई 'इमरजेंसी बटन सर्विस', सीधे पुलिस कंट्रोल रूम से होगा लोगों का संपर्क
लखनऊ में एक चौराहे पर इंस्टॉल किया गया इमरजेंसी बटन.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लोगों को इमरजेंसी की स्थिति में जाम रहित रास्ता उपलब्ध कराने के लिए 42 चौराहों में 'इमरजेंसी बटन सर्विस' की शुरुआत की जाएगी. हजरतगंज, 1090, आईजीपी और पॉलीटेक्निक चौराहे पर पायलट प्राजेक्ट के तौर यह सर्विस शुरू भी की जा चुकी है. 

इस सिस्टम के माध्यम से लोग सड़क हादसे या अन्य किसी घटना की जानकारी भी पुलिस को दे सकेंगे. किसी आकस्मिक स्थिति में इस सिस्टम का इस्तेमाल कर जरूरतमंदों के लिए विशेष ग्रीन कॉरिडोर तैयार करने में भी मदद मिलेगी. ताकि मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके.

जाम लगने, मेडिकल इमरजेंसी होने पर दबाएं इमरजेंसी बटन 
राजधानी में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए इस नई प्रणाली को लागू किया गया है. एंबुलेंस से मरीज लेकर जाते समय चौराहों पर इस बटन का इस्तेमाल करने से लोग रास्ता खाली करेंगे. इमरजेंसी बटन सर्विस के जरिए कोई भी व्यक्ति अपना संदेश पुलिस के लिए छोड़ सकता है. संदेश सीधे पुलिस कंट्रोल रूम को मिलेगा. संदेश मिलने के साथ ही संबंधित क्षेत्र की पुलिस तत्काल एक्शन में आएगी.

सड़क हादसा होने पर दबाएं इमरजेंसी बटन, तुरंत मिलेगी मदद
इस बटन का इस्तेमाल कर जिस रूट पर एंबुलेंस या अपने निजी वाहन से मरीज को लेकर जाना होगा उस पर तत्काल इमरजेंसी ग्रीन कॉरिडोर तैयार कराया जा सकेगा. आम लोग पुलिस कंट्रोल रूम को हादसों की सूचना भी इस इमरजेंसी बटन सर्विस के जरिए दे सकते हैं. आगामी 20 मार्च तक लखनऊ के 42 चौराहों पर इस नई प्रणाली को इंस्टॉल करने का लक्ष्य है. हजरतगंज चौराहे, वीमेन पावर लाइन 1090 चौराहा, इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान चौराहा और पॉलीटेक्निक चौराहे पर इमरजेंसी बटन सिस्टम की शुरुआत हो चुकी है.