उत्तराखंड: रोजगार मेले से जगी युवाओं की उम्मीद, सरकार करेगी रोजगार मेले के जरिए मिले रोजगार की मॉनिटरिंग

राज्य सरकार इस वर्ष को रोजगार वर्ष के तौर पर मना रही है. यही वजह है कि प्रदेश भर में रोजगार मेलों का आयोजन इसी उद्देश्य के साथ किया जा रहा है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में स्किल्ड युवाओं को रोजगार मुहैया करवाया जाए.

उत्तराखंड: रोजगार मेले से जगी युवाओं की उम्मीद, सरकार करेगी रोजगार मेले के जरिए मिले रोजगार की मॉनिटरिंग
एसजीआरआर कॉलेज में रोजगार मेले का आयोजन

देहरादून: राज्य के युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार देने की दिशा में आयोजित होने वाले रोजगार मेलों के जरिए मिले रोजगार का अब राज्य सरकार पूरा डेटा तैयार करेगी. ये ही नहीं ये भी मॉनिटरिंग की जाएगी कि जिन कम्पनियों में युवाओं का चयन रोजगार के लिए किया गया है, और जिन शर्तों पर उन्हें रोजगार दिया जा रहा है, उसके मुताबिक उन्हें रोजगार मिल भी रहा है या नहीं या फिर कहीं उनके साथ धोखा तो नहीं हो रहा है.

गुरुवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व कौशिल विकास मंत्री हरक सिंह रावत ने देहरादून के एसजीआरआर कॉलेज में रोजगार मेले का शुभारंभ किया. इस मेले में करीब 70 कम्पनियां 4500 युवाओं को रोजगार का अवसर देने के लिए पहुंची. बडी संख्या में युवा भी इस मौके का फायदा उठाने के लिए यहां पहुंचे. 

राज्य सरकार इस वर्ष को रोजगार वर्ष के तौर पर मना रही है. यही वजह है कि प्रदेश भर में रोजगार मेलों का आयोजन इसी उद्देश्य के साथ किया जा रहा है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में स्किल्ड युवाओं को रोजगार मुहैया करवाया जाए. इस मौके पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के युवा परिश्रमी व ईमानदार हैं. युवाओं के कौशल विकास पर ध्यान देने की जरूरत है. इसी उद्देश्य से राज्य, जनपद एवं तहसील स्तर पर रोजगार मेले आयोजित किये जा रहे हैं.

इन रोजगार मेलों में कम्पनियों द्वारा युवाओं का साक्षात्कार कर उनकी योग्यता के अनुसार नौकरी दी जा रही है. राज्य सरकार सरकारी सेवाओं एवं अन्य माध्यमों से युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है. सरकारी सेवाओं में भी विभिन्न पदों के लिए विभागों द्वारा लोक सेवा आयोग एवं अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को अधियाचन भेजे गये हैं. इन पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जायेगी. सीएम का कहना है कि पीएम के स्किल इंडिया का जो सपना है, उस दिशा में राज्य को तेजी से आगे बढ़ना होगा.

राज्य के कौशल विकास सेवायोजन मंत्री हरक सिंह रावत के मुताबिक उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहां कौशल विकास, सेवायोजन एवं प्रशिक्षण के लिए एक विभाग एवं मंत्रालय बनाया गया है. उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां कौशल विकास से संबिधत कार्यों के लिए जिला एवं तहसील स्तर पर कोर्डिनेशन करने की जिम्मेदारी दी गई है. 

युवाओं को रोजगार के ज्यादा अवसर मिल सके इसके लिए जिला एवं तहसील स्तर पर भी रोजगार मेले आयोजित किये जा रहे हैं. मंत्री हरक सिंह रावत ने ये साफ किया है कि कम्पनियों द्वारा जिन युवाओं को साक्षात्कार के माध्यम से रोजगार दिया जा रहा है और जिन शर्तो पर रोजगार दिया जा रहा है उनकी मॉनिटरिंग  भी का जा रही है. इसका पूरा डेटा भी तैयार किया जा रहा है, वहीं बडी संख्या में रोजगार मेले में पहुंचे युवाओं का भी मानना है कि राज्य सरकार को चाहिए कि इस तरह के रोजगार मेलों का अक्सर आयोजन किया जाए, ताकि बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर मिल सकें.