लॉकडाउन के बीच त्रिवेंद्र सरकार का फैसला, शुक्रवार को जरूरी चीजों के लिए 7 से 1 बजे तक खुलेंगे बाजार

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए प्रदेश में कोरोना वायरस की मौजूदा स्थिति और इसके संक्रमण को कम करने के लिए की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की.  

लॉकडाउन के बीच त्रिवेंद्र सरकार का फैसला, शुक्रवार को जरूरी चीजों के लिए 7 से 1 बजे तक खुलेंगे बाजार
फाइल फोटो

देहरादून: देशभर में जारी लॉकडाउन के बीच पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में त्रिवेंद्र सरकार ने कल थोड़ी ढील देने की घोषणा की है. शुक्रवार को बाजार आवश्यक चीजों के लिए 7 से 1 बजे तक खुले रहेंगे. साथ ही इस दौरान दो पहिया वाहन भी चलेंगे, लेकिन उन पर एक ही व्यक्ति बैठा होगा. इस दौरान चार पहिया वाहन पूरी तरह बंद रहेंगे. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए प्रदेश में कोरोना वायरस की मौजूदा स्थिति और इसके संक्रमण को कम करने के लिए की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की.

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आटा मिल चलती रहें, थोक सप्लाई को न रोके, दुकानों पर रेट लिस्ट जरूर लगे, फूड प्रोसेसिंग से संबंधित फैक्ट्री चलती रहे. पंजीकृत और अन्य श्रमिकों व अन्य जरूरतमंदों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए. आवश्यक सावधानियां बरतते हुए फार्मा इंडस्ट्री चलती रहें. जो लोग बाहर से आ रहे हैं, उनको होम क्वारेंटाइन कराया जाए. कोरोना संदिग्ध लोग जिनकी रिपोर्ट लम्बित है, उन्हें सख्ती के साथ घर पर क्वारेंटाइन ही किया जाए. इस पर लगातार चैकिंग भी की जाए. साथ ही जिलाधिकारी को ऐसे लोगों को क्रॉस चेक करने के भी आदेश दिए गए हैं. जिलों में होम डिलीवरी की व्यवस्था को मजबूत करने और सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है.

मुख्यमंत्री ने अभी तक की स्थिति पर संतोष जताते हुए कहा कि इसी प्रकार आपसी समन्वय से आगे भी काम करना है. छोटी से कोताही भी नहीं होनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता होने पर देहरादून और हल्द्वानी में 500 बेड के प्री फैब कोरोना अस्पताल बनाए जा सकते हैं, इसके लिए संबंधित जिलाधिकारी 5 एकड़ जमीन चयनित कर लें.

बैठक में सचिव नितेश झा ने बताया कि अभी उत्तराखंड कोरोना के फेज एक में ही है. यहां पाए गए पाजिटिव केस बाहर से आए हुए हैं. स्थानीय संक्रमण नहीं हुआ है. सोशल डिस्टेंसिंग रखने में सफल रहे तो राज्य में कोरोना मामलों को रोकने में अवश्य कामयाब रहेंगे. आयुष चिकित्सकों की सेवाएं भी ली जाएंगी. जिला चिकित्सालयों में कोरोना स्पेसिफिक अस्पताल स्थापित कर रहे हैं. आवश्यक दवाओं और उपकरणों की व्यवस्था की गई है.

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