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Exclusive: फरवरी 2020 तक साफ हो जाएगी गंगा, STP के जरिए किया जा रहा है ट्रीटमेंट

 नमामि गंगे योजना के तहत प्रदेश में 2000 करोड़ रुपए की योजना चल रही है, जिसमें गोमुख से लेकर ऋषिकेश तक 135 गंदे पानी के नालों को चिन्हित किया गया है जो गंगा में गिरते हैं. इसमें से 110 नालों को एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) से जोड़ दिया गया है.

 Exclusive: फरवरी 2020 तक साफ हो जाएगी गंगा,  STP के जरिए किया जा रहा है ट्रीटमेंट
हरिद्वार में 22 ऐसे नाले हैं जो गंगा में गिरते है, जिनको चिन्हित किया गया है.

देहरादून: गंगा (Ganga) के उद्गम स्थल गोमुख (Gomukh) से लेकर हरिद्वार (Haridwar) तक गंगा को फरवरी 2020 तक साफ कर दिया जाएगा. नमामि गंगे योजना (Namami Gange Yojana) की राज्य अधिकारी इस बात का दावा कर रहे हैं कि जल्द ही गोमुख से हरिद्वार तक गंगा पूरी तरह से साफ हो जाएगी. नमामि गंगे योजना के तहत प्रदेश में 2000 करोड़ रुपए की योजना चल रही है, जिसमें गोमुख से लेकर ऋषिकेश तक 135 गंदे पानी के नालों को चिन्हित किया गया है जो गंगा में गिरते हैं. इसमें से 110 नालों को एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) से जोड़ दिया गया है.

एसटीपी यानी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के जरिए गंदे पानी का ट्रीटमेंट किया जा रहा है . गंदे पानी के नाले अब सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से होकर गुजर रहे हैं. अभी तक नमामि गंगे के अधिकारियों का दावा है कि 131 एमएलडी पानी साफ करके गंगा में छोड़ा जा रहा है. वहीं,  हरिद्वार में 22 ऐसे नाले हैं जो गंगा में गिरते है, जिनको चिन्हित किया गया है और उन्हें भी एसटीपी से जोड़ने का काम चल रहा है. 

अधिकारियों का दावा है कि फरवरी 2020 तक गंगा में गिरने वाले सभी गंदे पानी के नालों को एसटीपी से जोड़ दिया जाएगा, जिससे गोमुख से लेकर हरिद्वार तक गंगा साफ हो जाएगी. गंगा की अविरल धारा बहती रहे इसके लिए नमामि गंगे योजना के तहत ऐसी नदियों पर भी प्लांट बनाने की तैयारी हो रही है, जो गंगा में आकर मिलती है.

अधिकारियों का कहना है कि देहरादून की रिस्पना नदी पर भी एक बड़े प्लांट को बनाने की तैयारी की जा रही है, जिससे गंगा की सहायक नदी को भी साफ किया जा सकें. फिलहाल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के एक्सपर्ट्स का कहना है कि  प्रिलिमनरी, बायोलॉजिकल और ट्रेसरी तीन स्तर पर पानी की जांच होती है. ऐसे में जो सीवर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट चल रहे है. उनकी बराबर मॉनिटरिंग होनी चाहिए. 

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फिलहाल गंगा की सफाई को लेकर जिस तरह का अभियान चल रहा है. ऐसे में अगर फरवरी 2020 तक गंगा में गिरने वाले गंदे नालों को एसटीपी से जोड़ दिया जाता है तो उत्तराखंड देश का पहला राज्य होगा, जहां गंगा की सफाई पूरी तरह से हो जाएगी. फिलहाल देखना होगा इस मिशन में नमामि गंगे के अधिकारी कितना सफल हो पाते हैं.