UP: लगातार दर्ज हो रहे SC/ST एक्ट के फर्जी मुकदमे, पलायन को मजबूर हुए ग्रामीण

ग्रामीणों के मुताबिक अनुसूचित जाति के लोग पहले भी एससी-एसटी एक्ट के तहत फर्जी मुकदमे लिखवाकर 14 लोगों को जेल भिजवा चुके हैं. उनका आरोप है कि अनुसूचित जाति के लोगों की ओर से एक बार फिर एससी-एसटी एक्ट के तहत फर्जी मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है. 

UP: लगातार दर्ज हो रहे SC/ST एक्ट के फर्जी मुकदमे, पलायन को मजबूर हुए ग्रामीण

फिरोजाबाद: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के एक गांव में लोग अपना घर बार छोड़कर पलायन करने के लिए मजबूर हैं. इसकी वजह है एससी-एसटी एक्ट (SC/ST ACT). ग्रामीणों ने बातचीत में बताया कि एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज हो रहे फर्जी मुकदमों से तंग आकर अन्य जातियों के लोग गांव से पलायन कर रहे हैं.

ग्रामीणों ने अपने मकानों पर लिख रखा है 'यह घर बिकाऊ है.' गांव वालों ने जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है. गोथुआ गांव में 27 जनवरी को बच्चों के बीच हुए झगड़े ने तूल पकड़ लिया और दो पक्षों में मारपीट हुई थी. गांव में ही रहने वाले अनुसूचित जाति के लोगों ने दूसरी जाति के अन्य ग्रामीणों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया. 

इसके बाद से ही ग्रामीण परेशान हैं और पलायन कर रहे हैं. ग्रामीणों के मुताबिक अनुसूचित जाति के लोग पहले भी एससी-एसटी एक्ट के तहत फर्जी मुकदमे लिखवाकर 14 लोगों को जेल भिजवा चुके हैं. उनका आरोप है कि अनुसूचित जाति के लोगों की ओर से एक बार फिर एससी-एसटी एक्ट के तहत फर्जी मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है. 

ग्रामीणों का कहना है कि जो बच्चे नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, उन्हीं को निशाना बनाकर उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा लिखवा जा रहा है. मुकदमा दर्ज होने से युवाओं का भविष्य खराब हो रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि फर्जी मुकदमों के चलते उन्हें प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है, जिसके चलते उन्होंने मजबूरी में अपने-अपने मकान बेचकर गांव छोड़ने का मन बना लिया है.