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फराह फैज बोलीं, दारुल उलूम के खिलाफ 'जुबान बंद' रखने के लिए मिला करोड़ों का ऑफर

अधिवक्ता फराह फैज ने बताया कि साल 2016 में उन पर गोल्डन टेम्पल एक्सप्रेस में हमला हुआ था, जिसकी रिपोर्ट निजामुद्दीन जीआरपी में दर्ज कराई गई थी.

अधिवक्ता फराह फैज.
अधिवक्ता फराह फैज.

सहारनपुर: तीन तलाक के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई लड़ रही अधिवक्ता फराह फैज ने अब चौकाने वाला राजफाश किया है. उन्होंने कहा कि दारुल उलूम के खिलाफ जुबान बंद रखने के लिए उन्हें करोड़ों रुपये का ऑफर दिया गया है, जिसको उन्होंने न सिर्फ ठुकरा दिया बल्कि अधिकारियों को इस बारे में जानकारी भी दी है.

अधिवक्ता फराह फैज ने बताया कि साल 2016 में उन पर गोल्डन टेम्पल एक्सप्रेस में हमला हुआ था, जिसकी रिपोर्ट निजामुद्दीन जीआरपी में दर्ज कराई गई थी. उन्होंने हमलावरों के दारुल उलूम देवबंद से जुड़े होने की बात भी कही थी. इसी मामले में कई बार कोर्ट से दारुल उलूम को नोटिस भी आ चुके हैं. लेकिन बार-बार नोटिस आने के बाद भी दारुल उलूम ने कोई कदम नहीं बढ़ाया.

फराह के मुताबिक, उनके साथी के साथ एक मौलाना आगरा से आए, जिन्होंने अपने आप को दारुल उलूम से जुड़ा हुआ बताया. उन्होंने बताया कि मौलाना ने उनसे कहा कि दारुल उलूम को लेकर आपके दिमाग मे बहुत सारी गलत फहमियां है. ये सब दूर हो जाना चाहिए. अभी तक आपके बीच सुलह करने वाला कोई नहीं था, लेकिन अब ये सब भ्रांतियां खत्म हो जाएंगी. फराह ने बताया कि मौलाना ने कहा कि जो लड़ाई वो लड़ रही हैं, उसके लिए बहुत सारी चीजों की जरूरत पड़ती है, जिसके लिए करोड़ों रुपये की जरूरत होती है. मौलाना ने कहा कि अगर सभी भ्रांतिया दूर हो जाये तो सभी दिक्कते एक दिन में खत्म हो सकती है.

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फराह ने बताया कि मौलाना के ऑफर को उन्होंने पूरी तरह से ठुकरा दिया और पूरे मामले की जानकारी जिले के अधिकारियों को भी दी. उन्होंने ये भी बताया कि दारुल उलूम से जुड़े एक शख्स निजामुद्दीन गए और वहां थाना एसएचओ समेत आईओ से अलग से मिलने की बात कहीं. लेकिन उन्होंने उनसे थाने में ही मिलने को बोला. 

उन्होंने आरोप लगाया कि इन सब बातों से ये जाहिर होता है कि दारुल उलूम पूरे मामले में कहीं न कहीं शामिल है. इतना ही नहीं फराह ने बताया कि उनके ऊपर कई बार हमले हुए है, जिनकी सहारनपुर समेत बाकी जिलों के अलग-अलग 5 थानों में एफआईआर भी दर्ज है. 

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