फर्रुखाबाद: UP शिक्षा विभाग के बाद अब सेना की नौकरी पाने के लिए भी फर्जीवाड़ा !

एसडीएम अनिल कुमार ने बताया कि तीनों आरोपी फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर सेना में नौकरी पा चुके हैं. फर्रुखाबाद तहसील से जारी किए गए  निवास प्रमाण पत्र को स्कैन किया गया. उसमें जिस मजिस्ट्रेट के दस्तखत से यह प्रमाण पत्र जारी होता है, उनके डिजिटल सिग्नेचर भी स्कैन कर प्रमाण पत्रों पर लगा दिए गए.

फर्रुखाबाद: UP शिक्षा विभाग के बाद अब सेना की नौकरी पाने के लिए भी फर्जीवाड़ा !
प्रतीकात्मक फोटो

फर्रुखाबाद: UP शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े के बाद अब सेना में नौकरी पाने के लिए भी फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का मामला सामने आया है. इस बार भी मामला फर्रुखाबाद जिले से ही है. यहां शातिर जालसाजों ने मूल निवास प्रमाण पत्र में ऐसी हेराफेरी की है, जिसे देखकर एक बार फर्जीवाड़े का अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता. हालांकि एक छोटी सी चूक ने इस सारी शातिर दिमागी पर पानी फेर दिया.

फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनाया लेकिन हुई ये चूक
सेना में नौकरी पाने के लिए जालसाजों न मूल निवास प्रमाण पत्र की मजिस्ट्रेट की ओर से जारी होने वाली कॉपी को स्कैन कर लिया. हूबहू तैयार किए गए निवास प्रमाण पत्र पर साइन भी डिजिटली स्कैन करके लगा दिए गए. गलती ये हुई कि सिग्नेचर जिस मजिस्ट्रेट के हुए, वो कभी फर्रुखाबाद में तैनात ही नहीं थे. जालसाज मजिस्ट्रेट के साइन को डिजिटली चुराकर प्रमाण पत्र पर छाप देते थे. 

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भर्ती के दौरान हो गया खुलासा 
सेना में बरेली BRO की भर्ती में ये अभ्यर्थी शामिल हुए तो सेना को शक हो गया. ऐसे में फर्रुखाबाद से जारी किए गए इन प्रमाणपत्रों की जब जांच की गई तो SDM सदर अनिल कुमार के भी होश फाख्ता हो गए.  उन्होंने पाया कि जो एसडीएम मजिस्ट्रेट कभी फर्रुखाबाद में तैनात ही नहीं रहे उनके हस्ताक्षर से ये प्रमाण पत्र कैसे जारी हो गए. मजे की बात यह है कि फर्रुखाबाद से जारी किए गए निवास प्रमाण पत्रों में अभी 5 प्रमाण पत्रों की ही जांच हो पाई थी, जिसमें से 3 फर्जी पाए गए. एक राजपत्रित अधिकारी के दस्तखत कर ये सेना को गुमराह कर नौकरी तो पा गया लेकिन जालसाजी का मामला सामने आने के बाद तीनों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई और सेना को अवगत करा दिया गया है. 

SDM ने कहा 'फर्जी हैं निवास प्रमाण-पत्र'
वहीं एसडीएम अनिल कुमार ने बताया कि तीनों आरोपी फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर सेना में नौकरी पा चुके हैं. फर्रुखाबाद तहसील से जारी किए गए  निवास प्रमाण पत्र को स्कैन किया गया. उसमें जिस मजिस्ट्रेट के दस्तखत से यह प्रमाण पत्र जारी होता है, उनके डिजिटल सिग्नेचर भी स्कैन कर प्रमाण पत्रों पर लगा दिए गए. हालांकि ये एसडीएम जिले में कभी तैनात नहीं रहे. जिस तारीख में ये प्रमाण पत्र जारी किए गए, उन तारीखों के दोनों ही मजिस्ट्रेट जनपद में मौजूद हैं.

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