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डॉक्टरों की लापरवाही ने मरीज की ले ली जान, हृदय रोग संस्थान के निदेशक समेत पांच पर मुकदमा

परिजनों का आरोप है की हमारे मरीज की मौत में सीधे सीधे डाक्टरों की लापरवाही हुई है. हम लोग इसलिए डॉक्टरों पर कार्यवाही कर रहे हैं ताकि अन्य किसी मरीज के साथ ऐसा न हो. 

डॉक्टरों की लापरवाही ने मरीज की ले ली जान, हृदय रोग संस्थान के निदेशक समेत पांच पर मुकदमा

कानपुर, संकल्प दूबे : कानपुर में उत्तर प्रदेश के एकलौते हृदयरोग संस्थान कार्डियोलॉजी के डाक्टरों के खिलाफ एक मरीज की मौत में लापरवाही बरतने की एफआईआर दर्ज की गई है. कार्डियोलॉजी संस्थान के निदेशक समेत पांच डाक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. इतने बड़े डाक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने से हड़कंप मच गया है. इस कार्डिओलॉजी हॉस्पिटल में पूरे प्रदेश के साथ साथ आसपास के प्रदेशों के मरीज भी इलाज को आते हैं. यहां के बारे में पहले भी इलाज में शिकायतें आती रही हैं. कानपुर में कारवालो नगर के रहने वाले गजेंद्र सिंह ने अपने मौसा बलवीर सिंह को इलाज के लिए 11 सितंबर को  कार्डिओलॉजी में भर्ती कराया था. 

ये आयुष्मान कार्ड धारक मरीज थे जिनका १२ सितम्बर को आपरेशन करके दो स्टंट डाले गए/ मरीज को भर्ती कराने वाले गजेंद्र सिंह का आरोप है, हम कार्डिओलॉजी  का नाम सुनकर अपने मरीज को यहाँ लाये थे लेकिन डॅक्टरों की लापरवाही से हमारे मरीज की जान चली गई. १३ सितम्बर को डाक्टरों ने लापरवाही की हदे पार करते हुए हमारे ऑपरेशन वाले मरीज को पैदल ही इको टेस्ट कराने लैब भेज दिया.

उनके साथ किसी वार्डबॉय को भी नहीं भेजा लैब में दो घंटे एक स्टूल पर बैठने से वही पर मरीज के स्टंट से ब्लड निकलने लगा इसी दौरान उनको अटैक भी पड़ गया. हम लोग उनको लेकर इमरजेंसी आये तो डॉक्टरों ने उनको पैतालीस- पैतालीस हजार के तीन इंजेक्शन एकसाथ लगा दिए इस ओवरडोज से मरीज की तुरंत मौत हो गई.

परिजनों का आरोप है की हमारे मरीज की मौत में सीधे सीधे डाक्टरों की लापरवाही हुई है. हम लोग इसलिए डॉक्टरों पर कार्यवाही कर रहे हैं ताकि अन्य किसी मरीज के साथ ऐसा न हो. पुलिस निष्पक्ष जांच करके दोषी डॉक्टरों पर कार्यवाही करे. कानपुर कार्डियोलॉजी संस्थान प्रदेश का सबसे बड़ा हृदयरोग संस्थान है.

यहाँ प्रतिदिन सैकड़ो कार्डिक पेसेंटो का इलाज किया जाता है. यूपी सरकार से हर साल सैकड़ों करोड़ की आर्थिक सहायता इस हॉस्पिटल को दी जाती है. इसके डॉक्टरों पर अक्सर मरीजों के इलाज में लापरवाही के आरोप लगते रहे है लेकिन यह पहली बार हुआ की की किसी मरीज की मौत पर संस्थान के डायरेक्टर समेत पांच डॉक्टरों पर एफआईआर दर्ज हुई हो पुलिस ने गजेंद्र सिंह की शिकायत पर धारा ३०४ में एफआईआर दर्ज की है पुलिस का कहना है मामले की जांच करके आगे की कार्यवाही की जायेगी.