मिर्जापुर में मिड-डे मील में नमक रोटी खिलाने के मामले में 3 लोगों पर एफआईआर

मिर्जापुर में नमक-रोटी खिलाने का प्रकरण प्रशासन की जांच में सुनियोजित साजिश साबित हुआ.

मिर्जापुर में मिड-डे मील में नमक रोटी खिलाने के मामले में 3 लोगों पर एफआईआर
अधिकारियों की जांच में यह तथ्य सामने आया कि विद्यालय में प्रतिदिन मीनू के अनुसार ही बच्चों को भोजन दिया जाता था.

राजेश मिश्र/मिर्जापुर: मिर्जापुर जिले के जमालपुर विकास खंड के सिऊर प्राथमिक विद्यालय पर पर बच्चों को नमक-रोटी खिलाने के प्रकरण में जिला प्रशासन ने साजिशकर्ताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. राष्ट्रीय स्तर पर बेसिक शिक्षा विभाग की छवि धूमिल करने के आरोप में तीन लोगों के खिलाफ अहरौरा थाने में विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. मुख्यमंत्री के आदेश व जिलाधिकारी अनुराग पटेल के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय प्रेम शंकर राम द्वारा सिऊर गांव निवासी राजकुमार पाल, एक तथाकथित पत्रकार पवन जायसवाल व एक अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 186, 193, 120 बी एवं 420 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है.

मिर्जापुर में नमक-रोटी खिलाने का प्रकरण प्रशासन की जांच में सुनियोजित साजिश साबित हुआ. मामले की जांच करने वाले अधिकारी ने कहा कि सुनियोजित ढंग से वीडियो वायरल कर प्रशासन और सरकार को बदनाम करने का प्रयास किया गया है. गौरतलब है कि 22 अगस्त को प्राथमिक विद्यालय सिऊर में सोशल मीडिया पर बच्चों को नमक-रोटी खिलाने का वीडियो तेजी से वायरल हुआ था. वायरल वीडियो को प्रदेश सरकार द्वारा गंभीरता से लिया गया एवं बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित लगभग आधा दर्जन शिक्षा विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई की गयी थी.

 

जिला प्रशासन द्वारा कराई गई जांच में वायरल वीडियो को कूटरचित साजिश पाया गया. अधिकारियों की जांच में यह तथ्य सामने आया कि विद्यालय में प्रतिदिन मीनू के अनुसार ही बच्चों को भोजन दिया जाता था. उस दिन साजिश के तहत भोजन में बच्चों को नमक-रोटी वितरित किया गया. नमक-रोटी प्रकरण से प्रदेश शासन एवं बेसिक शिक्षा विभाग की पूरे देश में किरकिरी हुई.