बलरामपुर में खतरे के निशान से नीचे पहुंची राप्ती नदी, 150 से ज्यादा गांवों में भरा बाढ़ का पानी
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बलरामपुर में खतरे के निशान से नीचे पहुंची राप्ती नदी, 150 से ज्यादा गांवों में भरा बाढ़ का पानी

बलरामपुर में राप्ती नदी खतरे के निशान से नीचे पहुंच गई है लेकिन जिले में बाढ़ की विभिषिका खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. जिले में करीब 150 से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी भरा है. आज सीएम योगी बाढ़ ग्रस्त इलाकों का दौरा करने बलरामपुर पहुंच रहे हैं.

बलरामपुर में खतरे के निशान से नीचे पहुंची राप्ती नदी, 150 से ज्यादा गांवों में भरा बाढ़ का पानी

रवि कुमार/बलरामपुर: यूपी के बलरामपुर (Balrampur) में राप्ती नदी (Rapti River) खतरे के निशान से नीचे पहुंच गई है लेकिन जिले में बाढ़ की विभिषिका खत्म होने का नाम नहीं ले रही. जिले में करीब 150 से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी भरा है. किसानों की सैकड़ों हेक्टेअर फसलें बर्बाद हो चुकी हैं. राप्ती नदी व पहाड़ी नालों के तटवर्ती किसानों के खेतों को बाढ़ ने अपनी आगोश में ले लिया है. प्रशासन द्वारा किये गये राहत और बचाव के इंतेजाम नाकाफी नजर आ रहे हैं. 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Aadityanath) शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित जिलों (flood affected districts) का दौरे पर हैं. इस दौरान सीएम योगी गोंडा, बहराइच, बलरामपुर जिले में प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे. 

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किसानों पर आफत बनकर टूट रही बारिश
बलरामपुर में बाढ़ से हालात बद से बदतर होते नजर आ रहे हैं. जिस बारिश का कभी किसानों को इंतजार हुआ करता था आज वह बारिश किसानों पर आफत बनकर टूट रही है. जिले के तराई क्षेत्र में बाढ़ का खासा कहर देखने को मिल रहा है. तराई क्षेत्र में पहाड़ी नालों की भरमार है जो नेपाल से राप्ती नदी में मिलते हैं. इन नालों से आया पानी अब गांव में घुस चुका है. जिससे ग्रामीणों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो चुका है. जिम्मेदार अधिकारी लगातार हर संभव मदद का भरोसा देते नजर आ रहे हैं लेकिन ग्रामीणों को किसी तरह की कोई मदद नहीं मिल पा रही है.

जयरामपुर खादर को जाने वाला मार्ग कटा, कई गांव प्रभावित
हरैया सतघरवा क्षेत्र के चैधरीडीह से जयरामपुर खादर को जाने वाला मार्ग कट चुका है. यहां बने मुख्य पुल का अप्रोच ही पहाड़ी नाले में आई बाढ़ से कट गया जिससे जंगल से सटे अंतिम गांव जयराम खादर का सम्पर्क टूट गया. यहां पर भी राहत सुविधाएं नहीं पहुंच पा रहीं. इस रास्ते के बंद हो जाने से जारामपुर खादर, चैधरीडीह, झरियाडीह, शिकारी पुरवा सहित कई गांव के लोग प्रभावित हैं. विकासखंड तुलसीपुर के रामगढ़ मैटाहवा गांव इस समय पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है. 

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बाढ़ के कारण पूरा गांव जलमग्न 
खरझार नाले पर बने तटबंध में दरार के कारण पूरा गांव अब जलमग्न हो गया है. लोग किसी तरह भीषण गंदगी और मिट्टी पानी के बीच खाने और रहने को मजबूर हैं. बांध में दरार आने से विजईडीह, लोहेपनिया, साहेब नगर, शांति पुरवा, सुगानगर, बहेड़ी आदि गांवो में पानी घुस चुका है जिससे हालात बेहद खराब हैं.

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 बाढ़ से हालात बेकाबू 
जिले में बाढ़ से हालात बेकाबू होते नजर आ रहे हैं. प्रशासनिक आंकड़ों की मानें तो जिले की करीब 76 हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित है. बलरामपुर, तुलसीपुर और उतरौला तीन तहसील क्षेत्रों में 90 नावों का संचालन किया जा रहा है.  31 बाढ़ चैकियां व 18 बाढ़ राहत केन्द्र बनाए गए हैं और प्रशासनिक अधिकारी गांवों में पहुंचकर राहत सामग्री का वितरण कर रहे हैं.

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