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उन्‍नाव में बढ़ा गंगा का जलस्‍तर, प्रशासन की तैयारी अधूरी, कटान से दहशत में लोग

लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा जो कटान रोकने के उपाय किए जा रहे हैं वह नाकाफी हैं. अगर इसी प्रकार कटान होती रही तो 2 व 3 दिन में कई मकान कटान की जद में आ जाएंगे. 

उन्‍नाव में बढ़ा गंगा का जलस्‍तर, प्रशासन की तैयारी अधूरी, कटान से दहशत में लोग
गंगा नदी का बढ़ रहा है जलस्‍तर. फाइल फोटो

उन्‍नाव (दयाशंकर) : उन्नाव में बीते दो दिनों भारी बारिश के साथ ही छोड़े गए पानी से गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है. इससे कटरी क्षेत्र में रह रहे ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं. जैसे-जैसे गंगा में पानी बढ़ रहा है, वैसे-वैसे गंगा में कटान भी तेज हो गई है. कटान की चपेट में कई मकान आ गए हैं. इससे लोगों ने सुरक्षित स्थान तलाशना शुरू कर दिया है. 

वहीं ग्रामीणों में बाढ़ की आशंका से दहशत का माहौल है. प्रशासन की अधूरी तैयारियां लोगों की मुसीबतें बढ़ रही है. उन्नाव में हर साल की तरह इस बार भी बाढ़ के हालात बन रहे हैं. कई राज्यों में बाढ़ के कहर के बाद अब उन्नाव में भी गंगा तबाही की ओर बढ़ रही है. बीते 24 घंटे में सूखे पड़े गंगा किनारे के तट पानी से सराबोर हो गए हैं. तेज बहाव होने से कटान भी शुरू हो गई हैं. जिससे गंगा के किनारे रह रहे परिवारों में दहशत का माहौल है.

लोग कटान वाले हिस्सों में बालू की बोरियों व पेड़ों की डालें डालकर कटान को कम करने की कवायद भी कर रहे हैं. जो बहाव तेज होने से नाकाफी साबित हो रहा है. तेज बहाव के चलते कटरी के बाशिंदों को आशियाना और गृहस्थी बर्बाद होने का चिंता सता रही है. बाढ़ की जद में उन्नाव गंगा कटरी के बांगरमऊ, सफीपुर, गंजमुरादाबाद, परियर, सरोसी, गंगाघाट, बक्सर क्षेत्र आते हैं. हर साल की तरह इस बार भी बाढ़ के हालात बन रहे हैं.

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गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी से सदर तहसील के गंगाघाट के रविदास नगर, इंदिरा नगर में गंगा किनारे कटान होना शुरू हो गई है. जिला प्रशासन व स्थानीय लोगों ने बीते दिनों कटान रोकने के लिए बल्लियों के सहारे मिट्टी की बोरिया भरकर लगाई. लेकिन जलस्तर तेजी से बढ़ने से बोरिया पानी में बह गई. कटान तेज़ होने से स्थानीय लोगों की मुश्किलों में फंस गए हैं.

लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा जो कटान रोकने के उपाय किए जा रहे हैं वह नाकाफी हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर इसी प्रकार कटान होती रही तो 2 व 3 दिन में कई मकान कटान की जद में आ जाएंगे. वहीं कटान के भय के से लोग मकान खाली करने को मजबूर हैं.

गंगा के बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ चौकियां स्थापित कर दी गई है. साथ ही कटान वाले स्थानों पर मिट्टी की बोरियां भरकर लगवा दी गई है. वहीं हर दिन गंगा के जलस्तर की मॉनिटरिंग भी की जा रही है. फिलहाल अभी गंगा खतरे के निशान से नीचे है. बाढ़ की स्थित में प्रशाशन पूरी तरह लोगों की मदद को तैयार है.