गाजीपुर: सऊदी में कैद भारतीय प्रताड़ना से टूटा, रो-रो कर सरकार से छुड़ाने की गुहार

गाजीपुर का युवक सऊदी अरब की जेल में बंद है. उसने एक वीडियो मैसेज में धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने और उत्पीड़न का संदेश भेजा है.

गाजीपुर: सऊदी में कैद भारतीय प्रताड़ना से टूटा, रो-रो कर सरकार से छुड़ाने की गुहार
छोड़ने के बदले 27 लाख रुपए मांगी जा रही है.

गाजीपुर: सऊदी अरब की जेल में बंद गाजीपुर जिले के जानूपुर गांव के रहने वाले हीरालाल चौहान को रिहाई के बदले न सिर्फ धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा है, बल्कि प्रताड़ित भी किया जा रहा है. प्रताड़ना से पूरी तरह टूट चुके हीरालाल WhatsApp वीडियो भेज कर अपने को रिहा कराने की गुहार लगा रहे हैं. उनके इस गुहार से पूरा परिवार टूट चुका है. परिवार के लोग और उनकी पत्नी जिनको गले का कैंसर है, वह अपने पति की रिहाई के लिए जिलाधिकारी से लेकर सांसद मनोज सिन्हा से भी गुहार लगा रही हैं.

बता दें, गाजीपुर के कासिमाबाद ब्लॉक के जानूपुर गांव के रहने वाले हीरालाल चौहान करीब 2 साल पहले नौकरी के लिए सऊदी अरभ गए थे. उन्हें वहां एक कंपनी में सावल ऑपरेटर का काम मिला. 6 मई को वे अपनी गाड़ी से जा रहे थे. गाड़ी बैक करने के दौरान बांग्लादेश के रहने वाले युवक हारुन को धक्का लग गया और वह बुरी तरह घायल हो गया. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इसी मामले में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. उन्हें छोड़ने के बदले डेढ़ लाख रियाल (27 लाख रुपए) मांगी जा रही है.

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परिजनों का कहना है कि हमारे पास इतना पैसा नहीं है कि उन्हें हम पैसे देकर छुड़ा सके. पैसे नहीं देने पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा है. ये बात खुद हीरालाल चौहान ने अपने एक WhatsApp वीडियो में कही है. WhatsApp मैसेज के बाद पूरा परिवार चिंतित है. उनका पूरा परिवार, पत्नी और मासूम बच्चे हाथों में तख्तियां लेकर कलेक्टर ऑफिस पहुंचे और पति को छुड़ाने की गुहार लगाई है.

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हीरालाल के दो बच्चे हैं, जिसमें एक 5 साल और दूसरा डेढ़ साल का है. पत्नी रीता को गले का कैंसर है, जिसका इलाज दिल्ली के एक निजी चिकित्सालय में चल रहा है. वहीं, हीरालाल के भाई ने अपने जनपद के सांसद मनोज सिन्हा से भी अपने भाई की रिहाई की गुहार लगाई है. मनोज सिन्हा ने भी इनके दर्द को समझते हुए एक पत्र विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को लिखा है. जिलाधिकारी ने इनके पत्र का संज्ञान लेते हुए स्थानीय थाने को जांच के लिए भेजा है और जांच रिपोर्ट आते ही उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार को कार्रवाई के लिए लिखने की बात कही है.