उत्तराखंड में कल मनाया जाएगा घुघुतिया त्योहार, जानिए क्या हैं इससे जुड़ी मान्यताएं

उत्तराखंड में 15 जनवरी को घुघुतिया का त्योहार मनाया जाएगा. कुमाऊँ और गढ़वाल में इस त्योहार की लोकप्रियता काफी ज्यादा है.  

उत्तराखंड में कल मनाया जाएगा घुघुतिया त्योहार, जानिए क्या हैं इससे जुड़ी मान्यताएं
घुघुतिया त्योहार की तैयारी करता एक परिवार.

संदीप गुसाईं/नैनीताल: पूरे देश में मकर संक्रांति का त्यौहार बड़े ही घूम धाम के साथ मनाया जाता है. उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊँ में भी मकर संक्रांति का त्योहार बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है.

गढ़वाल में इस पर्व को मकरैणी और कुमाँऊ में घुघुतिया त्यौहार के नाम से जाना जाता है. कुमाँऊ में इस दिन बच्चे आटे और घी से बने घुघुतिया को कौवों को खिलाते हैं और आशीर्वाद मांगते हैं. 

पूरे कुमाँऊ के पर्वतीय इलाकों में यह पर्व नन्हें बच्चों का खास दिन रहता है. इस पर्व से जुड़ी कई मान्यताएं हैं. एक मान्यता है कि कुमाँऊ के राजा को बागेश्वर के बागनाथ मंदिर में पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई. राजा की पत्नी उस पुत्र को प्यार से घुघुति कहकर बुलाती थीं. 

रानी ने उसके गले में मोतियों की माला पहना रखी थी. जो उसे काफी प्रिय थी. घुघुति जब भी रोता तो रानी उसे ये कहकर चुप करा देती की ये मोतियों की माला कौवे को दे देंगी. उसी याद में ही ये पर्व मनाया जाता है. इस दिन स्थानीय महिलाएं लोक नृत्य करती हैं.