Good News: आम्रपाली मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बैंकों से होम बायर्स को लोन देने के लिए कहा

रियल बिल्डरों और रियल एस्टेट क्षेत्र को बड़ी राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नोएडा प्राधिकरण बिल्डर से भुगतान में ब्याज के लिए अत्यधिक ब्याज दर नहीं ले सकता. ये ब्याज दर 8 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकती है.

Good News: आम्रपाली मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बैंकों से होम बायर्स को लोन देने के लिए कहा
सुप्रीम कोर्ट (file photo)

सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने आम्रपाली मामले (Amrapali case) में होम बायर्स के लिए अच्छा फैसला दिया है. कोर्ट ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों को आम्रपाली होमबॉयर्स को दिए गए लोन को रिकंस्ट्रक्ट करने और शेष राशि को जारी करने का निर्देश दिए हैं यानि होम बायर्स को लोन मिल सकेगा. कोर्ट ने कहा कि इस राशि का उपयोग निर्माण पूरा करने के लिए किया जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने आरबीआई को निर्देश दिया कि जिन बैंकों ने होम लोन को  NPA के तौर पर घोषित किया है. उन्हें भी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के निर्देशानुसार होम बायर्स को स्वीकृत लोन राशि जारी करनी होगी. 

बिल्डरों और रियल एस्टेट सेक्टर को राहत
रियल बिल्डरों और रियल एस्टेट क्षेत्र को बड़ी राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नोएडा प्राधिकरण बिल्डर से भुगतान में ब्याज के लिए अत्यधिक ब्याज दर नहीं ले सकता. ये ब्याज दर 8 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकती है. कोर्ट ने रिसीवर के माध्यम से शेष FAR की बिक्री की अनुमति दी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अभी तक इस्तेमाल नहीं हुआ FAR 2.75 पर होगा न कि 3.5 पर. यदि FAR में कोई वृद्धि होती है, तो ये नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण तय करेंगे. 

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अधूरे प्रोजेक्ट के पूरे होने पर भी निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में ये भी कहा कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा के घर खरीदारों की स्थिति जस की तस है क्योंकि प्रोजेक्ट के अधूरे पड़े काम में कोई प्रगति नहीं हुई है. कोर्ट ने ऑथोरिटीज से पूछा है कि वो बैंकों और वित्तीय सहायता देने को राजी अन्य संस्थानों को ये तो बता दें कि उनको काम पूरा करने को एक बार मे कितनी धनराशि की जरूरत है.

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