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यूपी में फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर सरकारी नौकरी का खेल, जांच के आदेश

अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के चेयरमैन बृजलाल का दावा है कि यूपी में हजारों की संख्या में फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाकर सरकारी नौकरी करने वालों की पहचान हुई है

यूपी में फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर सरकारी नौकरी का खेल, जांच के आदेश
कई जगह से शिकायत के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं.

लखनऊ: उत्तर-प्रदेश (Uttar Pradesh) में फर्जी जाति प्रमाण पत्र (Fake Caste Certificate) के आधार पर सरकारी नौकरी (Government Job) पाने के कई सारे मामले सामने आये है. जाति प्रमाण पत्र के इस फर्जीवाड़े को अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग ने बेहद गंभीरता से लिया है. आयोग के चेयरमैन ने इस पूरे मामले में पूरे सूबे में अभियान चलाकर मामले की जांच के लिए जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिये है. 

अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के चेयरमैन बृजलाल का दावा है कि यूपी में हजारों की संख्या में फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाकर सरकारी नौकरी करने वालों की पहचान हुई है. लिहाजा इस मामले में फर्जी जाति प्रमाण पत्रों की जांच करने और इस बनाने वाले राजस्व कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.

अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग बृजलाल की मानें तो यूपी के गोंडा, बहराइच, बाराबंकी, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर, गोरखपुर, महराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, आजमगढ़, मभ, वाराणसी, जौनपुर, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही, गाजीपुर, सुल्तानपुर, प्रयागराज, अंबेडकरनगर और अयोध्या आदि जिलों में पिछड़ी जाति के कहार, कुम्हार, कमकर, भुर्जी, तुरहा के लोगों ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाये हैं और फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाने के खेल इस जिलों में अभी भी जारी है. इनमें से अधिकरतर ने गोंड और खरवार जाति का प्रमाण पत्र बनवाया है.

आयोग की तरफ से इस मामले में दो उदाहरण भी दिए गए हैं. इन मामलों को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि जातियों से संबंधित शासनादेशों में अंकित मानकों के अनुरूप मौके पर जाकर पूछताछ, जांच पड़ताल, कुटुम्ब रजिस्टर, शैक्षिक संस्थाओं की टीसी आदि को जाति प्रमाण-पत्र जारी करने का आधार माना जाए. उसी के अनुरूप ऐसे मामलों में भली-भांति जांच पड़ताल व निरीक्षण कर गोंड जाति के पात्र व्यक्तियों को ही अनुसूचित जाति का प्रमाण-पत्र जारी किया जाए.

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इतना ही नहीं फर्जी जानकारी देकर बनवाये गये अनुसूचित जाति के फर्जी प्रमाण पत्र को तत्काल निरस्त किया जाए और फर्जी जाति प्रमाण-पत्र बनाने वाले राजस्व कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए.