उत्तराखंड: सरकारी अधिकारी ही निकला फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा में फ्रॉड का मास्टर माइंड

पौड़ी पुलिस ने कुलदीप को रुड़की से गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया. कोर्ट ने कुलदीप को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया.

उत्तराखंड: सरकारी अधिकारी ही निकला फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा में फ्रॉड का मास्टर माइंड
पुलिस गिरफ्त में आरोपी कुलदीप.

देहरादून: वन आरक्षी भर्ती परीक्षा (Forrest Guard Recruitment) के लिए पौड़ी में बनाए गए केंद्र पर 5 लाख रुपये में नकल करवाने का ठेका लेने वाला मास्टर माइंड गिरफ्तार कर लिया गया है. यह कोई और नहीं बल्कि राज्य लोक सेवा आयोग का समीक्षा अधिकारी कुलदीप राठी ही है. वह हरिद्वार का रहने वाला है. हरिद्वार जिले में उसके चार कोचिंग सेंटर भी चलते हैं. पौड़ी पुलिस ने कुलदीप को रुड़की से गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया. कोर्ट ने कुलदीप को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया.

हरिद्वार जिले के मंगलौर निवासी गोपाल सिंह ने पौड़ी कोतवाली में सहायक कृषि अधिकारी सुधीर कुमार व तीन अन्य युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. आरोप लगाया कि हरिद्वार निवासी पंकज, संजय व सौरभ ने उनके बेटे को पांच लाख रुपये में भर्ती परीक्षा में नकल करवा कर उत्तीर्ण करवाने की बात कही थी. बेटे से उक्त तीनों युवकों की बात उनके रिश्तेदार सुधीर कुमार ने कराई थी.

कई और लोग हैं पुलिस की रडार पर
पुलिस के अनुसार इस प्रकरण में कुछ नाम रडार पर हैं. कुलदीप को फिलहाल पौड़ी केंद्र पर हुई गड़बड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया है. दूसरे परीक्षा केंद्रों पर उनकी भूमिका क्या रही इसके बारे में जांच चल रही है. वन आरक्षी भर्ती परीक्षा में नकल कराने के आरोप में दो सरकारी अधिकारियों की गिरफ्तारी ने इस परीक्षा को विवादों में डाल दिया है. परीक्षा को रद्द करने की मांग उठ रही है.

पुलिस ने इस मामले में कोटद्वार में तैनात सहायक कृषि अधिकारी सुधीर कुमार और रुड़की के कोचिंग सेंटर संचालक मुकेश सैनी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था. कुलदीप ज्ञान आइएएस एकेडमी के नाम से हरिद्वार जिले में चार कोचिंग सेंटर संचालित करता है. इनमें तीन सेंटर रुड़की में हैं. वह दो बार यूपीएससी की मुख्य परीक्षा पास कर चुका है. उसे प्रतियोगी परीक्षाओं की अच्छी जानकारी है.

पौड़ी के एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि वन आरक्षी भर्ती परीक्षा में नकल कराने के मामले में पूर्व में गिरफ्तार किए गए सहायक कृषि अधिकारी सुधीर कुमार से पूछताछ के आधार पर ही राज्य लोक सेवा आयोग के समीक्षा अधिकारी कुलदीप राठी की गिरफ्तारी की गई. एसएसपी ने बताया कि सुधीर ने पूछताछ में नकल प्रकरण का मुख्य कर्ताधर्ता कुलदीप राठी को बताया था.

दो महीनों से अवकाश पर था कुलदीप
एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बताया कि 16 फरवरी को वन आरक्षी भर्ती परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे बाद से परीक्षा समाप्त होने तक कुलदीप और सुधीर लगातार फोन पर एक दूसरे से संपर्क में थे. परीक्षा के दिन कुलदीप उत्तर प्रदेश के मेरठ में था. आरो​पी कुलदीप हरिद्वार जिले के नारसन कला का रहने वाला है. वर्ष 2019 में उसे राज्य लोक सेवा आयोग हरिद्वार में तैनाती मिली थी. कुलदीप दिसंबर माह से अवकाश पर चल रहा था.

कुलदीप राठी पहले भी जा चुका है जेल
एसएसपी ने बताया कि कुलदीप वर्ष 2013 में एसएससी की परीक्षा में नकल करवाने के आरोप में जेल जा चुका है. वर्ष 2014 में उसके खिलाफ इस मामले में चार्जशीट दाखिल की गई है. बाद में सुबूतों के अभाव में वह बरी हो गया था. फारेस्ट गार्ड के 1213 पदों के लिए उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 16 फरवरी को राज्य के 360 केंद्रों पर परीक्षा कराई थी. पंजीकृत डेढ़ लाख अभ्यर्थियों में से 99 हजार 832 ने परीक्षा में हिस्सा लिया. परीक्षा के दौरान ही कई केंद्रों पर हाईटेक तरीके से नकल कराने का पता चला था.