उत्तराखंड: आदर्श ग्राम बनाने के बाद लोगों के जीवन में क्या परिवर्तन आया, रावत सरकार करेगी जांच

उत्तराखंड: आदर्श ग्राम बनाने के बाद लोगों के जीवन में क्या परिवर्तन आया, रावत सरकार करेगी जांच

मुख्यमंत्री ने जिलों के प्रभारी सचिवों को भी आदर्श गांव में जाकर वास्तविक स्थिति को देखने के निर्देश दिए हैं. अब अधिकारी हर डेढ़ महीने में गांव जाकर वास्तविक रिपोर्ट सरकार को देंगे.

उत्तराखंड: आदर्श ग्राम बनाने के बाद लोगों के जीवन में क्या परिवर्तन आया, रावत सरकार करेगी जांच

देहरादून: उत्तराखंड (Uttarakhand) सरकार "सांसद आदर्श ग्राम योजना" (Sansad Adarsh Gram Yojana) में शामिल हुए गांव में किए गए विकास कार्यों से लोगों के जीवन में आए परिवर्तन का मूल्यांकन कराने जा रही है. राज्य सरकार किसी थर्ड पार्टी से कृषि और पशुपालन के जरिए जीवन में हुए परिवर्तन का आंकलन कराने जा रही है. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (CM Trivendra Singh Rawat) ने इन गांवों की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया है. मुख्यमंत्री ने जिलों के प्रभारी सचिवों को भी आदर्श गांव में जाकर वास्तविक स्थिति को देखने के निर्देश दिए हैं. अब अधिकारी हर डेढ़ महीने में गांव जाकर वास्तविक रिपोर्ट सरकार को देंगे.

आपको बता दें कि 2014 में केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार बनने के बाद सभी सांसदों को एक-एक गांव गोद लेने की योजना भारत सरकार ने बनाई थी. इन गांवों को आदर्श गांव बनाए जाने के लिए तमाम तरह की योजनाएं बनाई गईं. उत्तराखंड में सांसद आदर्श ग्राम योजना में अब तक कुल 15 गांव चयनित किए गए. इन 15 गांवों में 762 काम होने थे जिनमें अभी तक 565 काम ही पूरे हो सके हैं. इन कामों के लिए करीब 75 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया गया. इसमें से करीब 40 करोड़ का बजट जारी किया गया है जो लगभग खर्च किया जा चुका है.

सांसद आदर्श ग्राम की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि आदर्श गांव के लोगों के जीवन में परिवर्तन दिखना चाहिए. लोगों को यह अहसास होना चाहिए कि इन विशेष रूप से चयनित गांव में बेहतर काम हुए हैं. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा की इस बात का मूल्यांकन किया जाएगा कि आदर्श गांव बनने के बाद लोगों के जीवन स्तर में क्या परिवर्तन आया. 

इन गांवों में सरकार अब यह मूल्यांकन कराने जा रही है कि इनको गोद लेने से पहले यहां के कृषि, पशुपालन, शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था किस प्रकार थी और अब उसमें क्या परिवर्तन हुआ है. गांव के लोगों की प्रति व्यक्ति आय में कितनी बढ़ोतरी हुई इसका भी आकलन किया जाना है. सरकार गांवों की मूल्यांकन रिपोर्ट को संबंधित सांसद को भी भेजेगी.

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