NRI के बैंक अकाउंट से लिंक मोबाइल नंबर करा लिया एक्टिवेट और खाते से उड़ा लिए 67 लाख रुपये

 पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पकड़े गए आरोपियों के पास से 7 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. यह गैंग खाते की जानकारी निकाल कर रजिस्टर्ड नंबर से नया सिम बना लेते थे और फर्जी दस्तावेज भी तैयार कर लेते थे.

NRI के बैंक अकाउंट से लिंक मोबाइल नंबर करा लिया एक्टिवेट और  खाते से उड़ा लिए 67 लाख रुपये

ग्रेटर नोएडा: NRI के  खाते से 5 दिन के अंदर 67 लाख रुपये उड़ाने वाले दो आरोपियों को IT Cell ने गिरफ्तार कर लिया है. बुधवार को गिरफ्तार किए गए इन आरोपियों की पहचान बागपत निवासी सतीश राणा और औरंगाबाद निवासी अनुज सिंह के रूप में हुई है. इन आरोपियों ने बड़े शातिर तरीके से चोरी को अंजाम दिया. इन्होंने खाते से लिंक मोबाइल नंबर का नया सिम बनवाया और खाते से पैसे लूट लिए. इस ठगी में सिम देने वाली कंपनी का एक कर्मचारी और बैंक कर्मी समेत 3 लोग शामिल हैं. फिलहाल पुलिस फरार हुए तीन आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है. 

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बेटे ने दर्ज कराई पिता से धोखाधड़ी की रिपोर्ट
आईटी सेल से मिली जानकारी के अनुसार कुछ दिनों पहले ग्रेटर नोएडा के रहने वाले चेतन ने बीटा-2 थाने में अपने पिता सुरेश यादव के खाते से 67 लाख रुपये निकलने की शिकायत दर्ज की थी. चेतन का कहना था कि उसके पिता NRI हैं और म्यान्मार में रहते हैं. उनके बैंक अकाउंट से 5 दिन के अंदर 67 लाख रुपये निकाल लिए गए. आईटी सेल ने इसकी जांच की तो पता लगा कि सुरेश यादव का भारतीय मोबाइल नंबर उनके बैंक अकाउंट से लिंक था, जो लंबे समय से इस्तेमाल न किए जाने की वजह से बंद हो गया था. 

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खाते से जुड़ा नंबर अपने नाम पर चला लेते थे
आरोपियों की निगाहें ऐसे ही खातों पर टिकी थीं, जिसमें लंबे समय से कोई ट्रांजेक्शन नहीं हो रहा था. बैंक का ही एक कर्मचारी, जो ठगों के गिरोह में शामिल था, उसने यह जानकारी अपने गैंग मेंबर्स को दी. गिरोह का मोडस ऑपरेंडी (Modus Operandi) था  खातों से जुड़े बंद नंबर को अपने नाम से एक्टिवेट करना और लोगों के अकाउंट का पावर लेकर पैसे निकाल लेना. 

नंबर मिलते ही बनवाया डेबिट कार्ड
सिम कंपनी में भी गिरोह का एक मेंबर अनुज मौजूद था. आरोपी अनुज ने उनके लिए वही नंबर एक्टिवेट करा दिया. नंबर मिलने के बाद ठगों ने बैंक में डेबिट कार्ड के लिए अप्लाई किया. एक ही नंबर होने की वजह से बैंक कर्मचारियों को भी शक नहीं हुआ और नया डेबिट कार्ड जारी कर दिया गया. इसके बाद बड़े आराम से ठगों ने 5 दिन में 67 लाख रुपये निकाल लिए.  

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गिरफ्तार आरोपियों के पास से मिले 7 मोबाइल
मामले की जानकारी पीड़ित को तब हुई जब उसने बैंक से कॉन्टैक्ट किया. इसके बाद पीड़ित की तहरीर पर आईटी सेल ने जांच शुरू की. फिलहाल इस गिरोह के 2 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. बाकी 3 की तलाश जारी है. पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पकड़े गए आरोपियों के पास से 7 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. यह गैंग खाते की जानकारी निकाल कर रजिस्टर्ड नंबर से नया सिम बना लेते थे और फर्जी दस्तावेज भी तैयार कर लेते थे. अब गिरफ्तार हुए आरोपियों से पूछताछ कर जानकारी जुटाई जा रही है. साथ ही उनके बैंक खातों को भी खंगाला जा रहा है. जल्द सारी जानकारी जुटा कर कार्रवाई की जाएगी. 

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