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मुथूट फाइनेंस कंपनी के मैनेजर की हत्या का खुलासा, ममेरे भाई ने रची थी साजिश

Murder: परविंद्र ने महज दस हजार रुपए और सोना लूट की घटना में विफल होने पर आजाद की हत्या की थी. पुलिस घटना में शामिल दो फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है.

मुथूट फाइनेंस कंपनी के मैनेजर की हत्या का खुलासा, ममेरे भाई ने रची थी साजिश
पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है.

ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) पुलिस ने हत्या(Murder) का खुलासा किया है. हापुड़ (Hapur) के काठी-खेड़ा गांव के रहने वाले मुथूट फाइनेंस कंपनी (Muthoot Finance Company) के मैनेजर आजाद की हत्या उसके ममेरे भाई परविंद्र ने की थी. बादलपुर कोतवाली पुलिस ने घटना के चार माह बाद मुख्य आरोपी परविंद्र और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया है. परविंद्र ने महज दस हजार रुपए और सोना लूट की घटना में विफल होने पर आजाद की हत्या की थी. पुलिस घटना में शामिल दो फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है.

बादलपुर कोतवाली क्षेत्र में कल्दा नहर की पुलिया के पास 20 जून 2019 को एक अज्ञात युवक का शव पड़ा मिला था, जिसकी पहचान हापुड़ के काठी-खेड़ा गांव के रहने वाले आजाद के रूप में हुई थी. आजाद की गोली मारकर हत्या की गई थी. मृतक आजाद मुथूट फिनकार्प लिमिटेड गाजियाबाद की शाखा में मैनेजर था. परिजनों ने इस मामले में अज्ञात लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया था. पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. पुलिस ने आजाद की शाखा में पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज खंगाली. पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लगे. पुलिस ने आजाद के ममेरे भाई परविंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो हत्याकांड का खुलासा हो गया. 

एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि आरोपी परविंद्र गाजियाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र के यूसुफपुर नंगला बैर का रहने वाला है. पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि उसने कुछ दिनों पहले अपने फुफेरे भाई आजाद से दस हजार रुपये उधार लिए थे लेकिन वह पैसे वापस देने का दबाव बना रहा था.

परविंद्र ने बताया कि आजाद मुथूट फाइनेंस में मैनेजर था. उसे पता था कि उसकी शाखा के लॉकर में 3-4 किलो सोना रखा है, जिसकी चॉबी आजाद के पास रहती थी. परविंद्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर सोना लूटने का प्लान तैयार किया. 20 जून को परविंद्र पैसे देने की बात कहकर आजाद को अपने साथ कलदा गांव के समीप लेकर पहुंचा, जहां परविंद्र के तीन साथी चमनलाल, दीपक और सुनील पहले से मौजूद थे.

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परविंद्र ने बताया कि उन्होंने पहले आजाद को शराब पिलाई, जिसके बाद उसके बैग से उसके लॉकर की चॉबी निकाल ली. इस बीच परविंद्र के तीनों साथी चॉबी लेकर आजाद की शाखा में पहुंचे और लॉकर खोलकर सोना चोरी करने का प्रयास किया. लेकिन लॉकर नहीं खुला, जिसके बाद वह वापस घटना स्थल पर पहुंच गए. उन्होंने यह बात आजाद को बताई तो वह नाराज हो गया. 

आजाद ने इस बात की शिकायत गांव में जाकर करने के लिए और पुलिस को बताने के लिए कहा था, जिसके बाद आजाद मौके से भाग निकला था. आरोपियों ने खुद को फंसता देख तंमचे से आजाद की गोली मारकर हत्या कर दी थी. उसके शव और बाइक को मौके पर छोड़कर फरार हो गए थे. पुलिस ने परविंद्र और चमनलाल को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया है.वहीं पुलिस आरोपी दीपक और सुनील की तलाश में जुटी है.