जब विपक्ष को नहीं मिला कोई मुद्दा तो देश की वैक्सीन पर उठाने लगे सवाल- जय प्रताप सिंह

 उत्तर प्रदेश सरकार के 4 साल पूरे होने पर ज़ी यूपी-उत्तराखंड ने 5 मार्च यानी आज UP Conclave कार्यक्रम आयोजित किया है. इस दौरान स्वास्थ मंत्री जय प्रताप सिंह भी मौजूद रहे. उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर विपक्ष को कोई राजनीति नहीं करनी चाहिए.

जब विपक्ष को नहीं मिला कोई मुद्दा तो देश की वैक्सीन पर उठाने लगे सवाल- जय प्रताप सिंह
स्वास्थ मंत्री जय प्रताप सिंह.
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार के 4 साल पूरे होने पर ज़ी यूपी-उत्तराखंड ने 5 मार्च यानी आज UP Conclave कार्यक्रम आयोजित किया है. इस दौरान स्वास्थ मंत्री जय प्रताप सिंह भी मौजूद रहे. उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर विपक्ष को कोई राजनीति नहीं करनी चाहिए. इस दौरान कार्यक्रम में स्वास्थ मंत्री से हमारे संवाददाता राम मोहन शर्मा ने खास बातचीत की. पढ़िए बातचीत के मुख्य अंश. 

व्यवस्था सुधारने का किया है संकल्प
स्वास्थ मंत्री ने कहा कि जब हम सत्ता में आये तो हमारा एक संकल्प था, कि हम व्यवस्था परिवर्तन करेंगे. जब यह विभाग मिला तो हमने वर्तमान स्थिति को ठीक करने का काफी काम किया. इस दौरान उन्होंने बीते चार साल में अपने विभाग में जिन कमियों का सामना किया उसका भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि चार साल के अंदर सबसे बड़ी कमी डॉक्टर्स की है, पैरा मेडिकल स्टाफ की कमी है, उपकरण की कमी है. इन सभी परिस्थितियों को लेकर हमने काम किया. हमने मैन पावर को पूरा करने का काम किया और संसाधन जुटाने का काम किया. जिसके चलते दोनों में सुधार भी हुआ. 

विपक्ष कोई और मुद्दा ढूढ़ें
विपक्ष ने कोरोना की वैक्सीन को बीजेपी की वैक्सीन कहा, इस पर उन्होंने कहा कि बीमारी में कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए. कोविड के दौरान जो वैक्सीन पर टिप्पणियां होती हैं, वह नहीं होनी चाहिए. वैक्सीन बीमारी से सुरक्षित करने के लिए है. राजनीति करने के लिए नहीं. उन्होंने कहा कि मैं विपक्ष से कहना चाहता हूं कि कुछ और मुद्दे ढूढ़ें.

प्रदेश में 29 नए मेडिकल कॉलेज 
उत्तर प्रदेश में 1947 से 2017 तक 13 मेडिकल कॉलेज थे. वहीं, प्रदेश में पिछले 4 साल के अंदर ही 29 मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं. 8 या 9 मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई शुरू हो गई है. हमारा प्लान यह है कि हर एक जिले में एक मेडिकल कॉलेज होना चाहिए. इससे हमें डॉक्टर्स की उपलब्धता मिलेगी. 

WHO ने की तारीफ 
उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से बहुत कुछ सीखा है और ऐसे अवसर पर हमने यह तय किया है कि हम इंफ्रास्ट्रक्चर को डवेलप करने का काम करेंगे. कोविड के दौरान विश्व स्वास्थय संगठन (WHO) के द्वारा हमें सराहना भी मिली है कि उत्तर प्रदेश की स्वास्थ व्यवस्था बहुत अच्छी है. 

वहीं, इंसेफलाइटिस बिमारी को लेकर उन्होंने कहा कि यह पूरी तरीके से काबू में है. 1 साल में सिर्फ चार या पांच केस मृत्यु के आते हैं. हम 100 परसेंट वैक्सीनेशन कराते हैं.  दस्तक अभियान के तहत इस में जीरो से 5 वर्ष के बच्चों का वैक्सीनेशन कराया जाता है. अंतर विभागीय समन्वय करते हैं. इसके साथ ही डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया आदि बीमारियों पर काबू करने का कार्य लगातार जारी है. 

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