उत्तराखंड में भारी बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई जिलों में बंद पड़ी हैं सड़कें

भारी बर्फबारी के कारण उत्तराखंड में कई जगह मार्ग बन्द पड़े हैं. मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि आज और कल कई जिलों में मौसम साफ रहेगा. लेकिन, 12 और 13 जनवरी को एक बार फिर मौसम बदलेगा.

उत्तराखंड में भारी बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई जिलों में बंद पड़ी हैं सड़कें
भारी बर्फबारी के कारण उत्तराखंड में कई जगह मार्ग बन्द पड़े हैं.

देहरादून: भारी बारिश और बर्फबारी से पहाड़ी इलाकों में जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. लोगों को आम दिनचर्या के कामों के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ रही है.

भारी बर्फबारी के कारण उत्तराखंड में कई जगह मार्ग बन्द पड़े हैं. अल्मोड़ा में दर्जनों सड़कें बन्द हो गई हैं. मुक्तेश्वर, रानीखेत में भी यातायात प्रभावित है. जेसीबी को रास्ता खोलने के लिए लगाया गया है.

उधर, सरोवर नगरी नैनीताल की माल रोड सहित भवाली और अन्य दर्जनों सड़कें भी बर्फबारी के बाद बन्द पड़ी हैं. पिथौरागढ़ के धारचूला-तवाघाट नारायण आश्रम मोटर मार्ग बंद है. मार्ग कल 2 बजे तक खुलने की संभावना है.

थल मुंसारी मोटर मार्ग किलोमीटर 185 से 222 तक क्षेत्र में भारी बर्फबारी के कारण बंद पड़ा है. इसके अलावा दर्जनों सड़कें यातायात के लिए बन्द पड़ी हैं. चंपावत में भी कई सड़कें हैं. राजधानी देहरादून के चकराता में भी 5 सड़कें पूरी तरह आवाजाही के लिए बन्द हैं. उत्तरकाशी, बागेश्वर में भी दर्जनों मोटर मार्ग पर आवागमन ठप्प पड़ा है. कई जगह जेसीबी से रास्ते खोलने कि कोशिश की जा रही है. उम्मीद जताई जा रही है कि कई जगह आज रात तक यातायात सामान्य हो जाएगा. लेकिन, कई जगहों पर यातायात सामान्य होने में 3-4 दिन लग जाएंगे.

उधर, केदारनाथ धाम में भी बर्फबारी का सिलसिला जारी है. केदारनाथ में 5 से 8 फीट बर्फ जम चुकी है. गंगोत्री-यमुनोत्री मोटर मार्ग भी बर्फबारी की वजह से बार-बार अवरुद्ध हो रहा है. उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, चोपता, चकराता के गांव में भी आवागमन बाधित हो रहा है. पीडब्ल्यूडी के अधिकारी हाईवे पर पड़ी बर्फ को हटाने का काम कर रहे हैं.

मौसम निदेशक विक्रम सिंह का कहना है कि उत्तराखंड में आज और कल कई जिलों में मौसम साफ रहेगा. लेकिन, 12 और 13 जनवरी को एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलेगा. मौसम निदेशक ने बताया कि उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और पौड़ी जैसे इलाकों में बर्फबारी हो सकती है. विक्रम सिंह के मुताबिक, कुमाऊं मंडल के पिथौरागढ़  और चंपावत जैसे जिलों के ऊंचाई वाली चोटियों पर भी भारी बर्फबारी हो सकती है.

पहाड़ी इलाकों में हुई भारी बर्फबारी के बाद आ रही समस्याओं पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सभी जगह व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है. बर्फबारी की वजह से कई जगह बिजली और पानी की सप्लाई ठप्प पड़ गई है. उन्होंने बताया कि 40 साल बाद इतनी बर्फ राज्य में पड़ी है. इसका फायदा आने वाले दिनों में दिखाई देगा. इस बार कई ऐसे इलाकों में भी बर्फ पड़ी जहां कई दशकों से बर्फ नहीं गिरी थी.