कहीं आप भी तो नहीं खा रहे हैं फूल झाड़ू से बना जीरा, ऐसे करें पहचान

नकली जीरा बनाने के लिए फूल वाली झाड़ू का इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा छोटे-छोटे पत्थर को भी प्रयोग में लाया जाता है.

 कहीं आप भी तो नहीं खा रहे हैं फूल झाड़ू से बना जीरा, ऐसे करें पहचान
सांकेतिक तस्वीर

लखनऊ: कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में नकली मसालों के पकड़े जाने की खबर सामने आई थी. इसके बाद ये सवाल उठना लाजिम है कि क्या हम सही मसाले खरीद रहे हैं या नहीं. मसालों में जीरा, कुछ ऐसा है जिसका इस्तेमाल हम रोजना खाने में करते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि घर में इस्तेमाल होने वाले फूल झाड़ू से नकली जीरा बनाया जाता है. आइए जानते हैं आप कैसे इसकी पहचान कर सकते हैं और अपने सेहत का ख्याल रख सकते हैं...

कैसे बनता है नकली जीरा?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ समय पहले ही दिल्ली में एक फैक्ट्री पकड़ी गई, जिसमें नकली जीरा बनाया जा रहा था. बताया गया कि नकली जीरा बनाने के लिए फूल वाली झाड़ू का इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा छोटे-छोटे पत्थरों को भी प्रयोग में लाया जाता है.  गुड़ के शीरे का भी इस्तेमाल किया जाता है. जिस घास से झाड़ू बनती है, उसे पहले पानी में उबाला जाता है. उसके बाद उसे शीरे में पकाया जाता है और सुखा लिया जाता है. ऐसे में उसका रंग और आकार बिल्कुल जीरे जैसा हो जाता है. 

कैसे करें असली जीरे की पहचान?
असली और नकली जीरे में अंतर पहचानना ज्यादा मुश्किल नहीं है. इसके लिए एक कटोरी में पानी ले लीजिए और इसमें जीरा डालकर छोड़ दें. अगर जीरा रंग छोड़ने लगे और टूट जाए, तो समझिए जीरा नकली है. जबकि असली जीरे में कोई बदलाव नहीं होता है. वहीं, असली जीरे को खूशबू से भी पहचाना जा सकता है. 

नकली जीरे खाने से होते ये नुकसान 
नकली जीरा खाने से सेहत को काफी नुकसान हो सकता है. इससे इम्युनिटी कमजोर हो सकती है. इसके अलावा पेट की समस्याएं भी हो सकती है. जानकारी के मुताबिक, नकली जीरा खाने से स्टोन (पथरी) और त्वचा संबंधी परेशानियां भी हो सकती हैं. 

नोट- यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों पर आधारित है. 

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