ऑनलाइन पढ़ाई के लिए केंद्र सरकार ने जारी किए नियम, अब छोटे बच्चों की क्लास सिर्फ आधे घंटे

इस गाइडलाइन के जरिये सरकार बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को भी संतुलित रखना चाहती है. मंत्रालय ने योजना, समीक्षा, व्यवस्था, मार्गदर्शन, वार्ता, कार्य, निगरानी और सराहना जैसे 8 बिंदुओं पर ये गाइडलाइन तैयार की है. 

ऑनलाइन पढ़ाई के लिए केंद्र सरकार ने जारी किए नियम, अब छोटे बच्चों की क्लास सिर्फ आधे घंटे
प्रतीकात्मक फोटो

कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के चलते बच्चों की पढ़ाई का नुकसान हुआ, तो मोबाइल और लैपटॉप पर ऑनलाइन क्लासेज का विकल्प अभिभावकों को दिया गया. लेकिन अब ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों का स्क्रीन टाइम बढ़ने से अभिभावकों की चिंता बढ़ने लगी. इसी चिंता का समाधान केंद्र सरकार ने करते हुए मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से ‘प्रज्ञता’ गाइडलाइन जारी कराई है. इस गाइडलाइन के तहत बच्चों की उम्र और जरूरत के मुताबिक इनकी ऑनलाइन क्लासेज की अवधि तय की गई है. 
 
प्री-प्राइमरी के बच्चों की क्लास सिर्फ आधे घंटे 
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को ‘प्रज्ञता’ गाइडलाइन जारी की. इसके मुताबिक नर्सरी और केजी के बच्चों की रोजाना क्लास की अवधि अधिकतम 30 मिनट यानि आधा घंटा होगी. वहीं क्लास 1 से 8वीं तक के बच्चों को 30-45 मिनट की क्लास अधिकतम दो सत्र में हो सकेगी. जबकि क्लास 9 से 12वीं तक के लिए ये सत्र अधिकतम चार बार हो सकते हैं. 

सभी बोर्ड मानेंगे सरकार की गाइडलाइन
अभिभावकों को ये बात समझ लेने की जरूरत है कि सीबीएसई बोर्ड, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय से लेकर सभी राज्यों को अपने-अपने राज्य शिक्षा बोर्ड के स्कूलों में इसी गाइडलाइन को लागू करना होगा. इस गाइडलाइन के जरिये सरकार बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को भी संतुलित रखना चाहती है. मंत्रालय ने योजना, समीक्षा, व्यवस्था, मार्गदर्शन, वार्ता, कार्य, निगरानी और सराहना जैसे 8 बिंदुओं पर ये गाइडलाइन तैयार की है. 

किस क्लास की कितने घंटे होगी पढ़ाई 
KG-NURSERY के लिए - सिर्फ 30 मिनट की क्लास
1 से 8वीं तक के लिए - 30 से 45 मिनट के दो सत्र 
9वीं से 12वीं के लिए - 30 से 45 मिनट के चार सत्र

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स्क्रीन टाइम बढ़ने की थी चिंता 
लॉकडाउन और स्कूल बंद होने से देश के करीब 24 करोड़ बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. लेकिन ऑनलाइन क्लासेज को लेकर अभिभावकों की चिंता थी इससे उनका मोबाइल और लैपटॉप के साथ स्क्रीन टाइम बढ़ रहा है. ऐसे में नजर कमजोर होने समेत शारीरिक और मानसिक परेशानियां भी हो सकती हैं. 

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