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मैं चाहता हूं राम मंदिर बने, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद ही: कल्याण सिंह

Kalyan singh: उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर सभी पार्टियों को अपना निर्णय स्पष्ट रखना चाहिए. 

मैं चाहता हूं राम मंदिर बने, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद ही: कल्याण सिंह
उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर 1992 की घटना कोई साजिश नहीं थी.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान (Rajasthan) के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह (Kalyan singh) सीबीआई के शिकंजे के बाद उन्होंने राम मंदिर को लेकर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि अयोध्या भारत वर्ष के करोड़ो लोगों की आस्था का विषय है. 

मंदिर निर्माण पर अपनी राय देते हुए उन्होंने कहा कि राम देश के करोड़ों लोगों की श्रद्धा के केंद्र हैं. मंदिर के लिए देश की करोड़ों लोगों ने संकल्प लिया है. पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह ने कहा कि मेरी भी आस्था है. मैं चाहता हूं कि राम मंदिर बनें. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सभी पार्टियों को अपना निर्णय स्पष्ट रखना चाहिए और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद ही मंदिर बनें.

उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर 1992 की घटना कोई साजिश नहीं थी, जो हुआ वह अप्रत्याशित और अभूतपूर्व था. जो ढांचा ढह गया, वो सदियों से दबाए गए करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं के विस्फोट का परिणाम था. 

इससे पहले कल्याण सिंह ने कहा था कि सीबीआई पूछताछ के लिए जिस तारीख को बुलाएगी वह हाजिर हो जाएंगे. उन्होंने कहा, 'जो लोग कह रहे हैं कि साजिश है, ऐसा नहीं है. नहीं बचा पाए इसलिए केस चल रहा है. किसी को जानकारी नहीं थी, इंटेलिजेंस को भी नहीं पता था. केंद्र को भी पता नहीं था एक विस्फ़ोट था हो गया.' 

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आपको बता दें कि बाबरी विध्वंस मामले में सीबीआई ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर 87 वर्षीय कल्याण सिंह को तलब करने की अपील की है. दरअसल, कल्याण सिंह राजस्थान के राज्यपाल थे, यह संवैधानिक पद है, जिसके चलते सीबीआई उनके खिलाफ अर्जी नहीं दाखिल कर पा रही थी. राज्यपाल के पद से हटने के बाद सोमवार को कल्याण सिंह ने एक बार फिर से बीजेपी ज्वाइन कर लिया, जिसके बाद सीबीआई ने उनके खिलाफ अर्जी दाखिल कर दी. इसी मामले में बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, साध्वी ऋतंभरा, महंत नृत्यगोपाल दास जमानत पर हैं.