VHP ने शुरू किया 100 मूर्तियों का निर्माण, राम कथा कुंज में रामलला के हर रूप के होंगे दर्शन
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VHP ने शुरू किया 100 मूर्तियों का निर्माण, राम कथा कुंज में रामलला के हर रूप के होंगे दर्शन

 विश्व हिंदू परिषद ने अयोध्या में 25 नवंबर को धर्मसभा का आयोजन तो कर ही रही है साथ ही इसके राम मंदिर परिसर में लगने वाली राम की 100 मूर्तियों के निर्माण कार्य को भी तेज कर दिया है.

VHP ने शुरू किया 100 मूर्तियों का निर्माण, राम कथा कुंज में रामलला के हर रूप के होंगे दर्शन

अयोध्या, (विशाल रघुवंशी):  देश की सर्वोच्च न्यायालय में अयोध्या में विवादित जमीन के मामले में सुनवाई चल रही हो, लेकिन राम मंदिर निर्माण को लेकर विहिप अब बहुत तेजी से अपने कदम बढ़ा रही है. विश्व हिंदू परिषद ने अयोध्या में 25 नवंबर को धर्मसभा का आयोजन तो कर ही रही है साथ ही इसके राम मंदिर परिसर में लगने वाली राम की 100 मूर्तियों के निर्माण कार्य को भी तेज कर दिया है.

विहिप 100 मूर्तियों का निर्माण करा रहा है. जिन मूर्तियों को राम कथा कुंज में लगाया जायेगा. राम कथा कुंज अभी फिलहाल अधिग्रहित परिसर में है जो कोर्ट की निगरानी में केंद्र सरकार के आधीन है.

अयोध्या के राम सेवक पुरम में राम मंदिर के से सम्बंधित 100 मूर्तियों का निर्माण किया जा रहा है. 35 के करीब मुर्तिया बन चुकी है, जिसमे राम के जन्म से लेकर वनवास तक की सभी मूर्तियां बनकर तैयार हो चूंकि है. बाकी की मूर्तियों को भी जल्द से जल्द तैयार कराया जा रहा है. मूर्ति बनाने का कार्य असम के मूर्तिकार रणजीत मंडल और उनके पिता द्वारा किया जा रहा है.

राम सेवक पुरम में मूर्ति निर्माण का कार्य 6 साल पूर्व दिवंगत विहिप प्रमुख अशोक सिंघल ने शुरू कराया था, जिसका उद्देश्य था जब राम मंदिर का निर्माण शुरू होगा तो 43 एकड़ भूमि में राम कथा कुंज का निर्माण किया जायेगा. राम कथा कुंज में श्री राम के बाल्यकाल से राज तिलक तक की मूर्तियों को निर्माण करा कर प्रदर्शित किया जायेगा. 

राम कथा कुंज के लिए मूर्तियों का निर्माण असम के रहने वाले रणजीत मंडल और उनके पिता नारायण मंडल कर रहे है. रणजीत मंडल बताते है कि रामायण आधारित मूर्तियों का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें पुत्रष्टि यग्य से वनवास तक की मूर्तियों का निर्माण हो चुका है. अब आगे की मूर्तिया बनाई जा रही है.

इन मूर्तियों की खासियत ये है की ये मूर्तियां पत्थर की न होकर सीमेंट की है और इन्हें बड़ी आसानी से एक जगह से दूसरे जगह शिफ्ट किया जा सकता है. बताया जा रहा है कि करीब 100 साल तक इन मूर्तियों में मजबूती रहेगी. 

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