यूपी के इस गांव में पात्रों को नहीं मिला पीएम आवास, शौचालय को बनाना पड़ा है किचन

उत्तर प्रदेश बाराबंकी जिले के अकनपुर गांव में कई गरीब परिवार ने मजबूरी में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालयों का उपयोग दूसरे कामों में कर रहे हैं. क्योंकि उनके पास रहने के लिए आवास नहीं है.  

यूपी के इस गांव में पात्रों को नहीं मिला पीएम आवास, शौचालय को बनाना पड़ा है किचन
बाराबंकी जिले के अकनपुर गांव में एक गरीब परिवार ने मजबूरी में शौचालय को ही किचन बना लिया है.

मनमीत गुप्ता/बाराबंकी: उत्तर प्रदेश में स्वच्छता मिशन के ज्यादातर लाभार्थियों द्वारा शौचालय बनवाने के बाद इसका इस्तेमाल नहीं करने के ढेरों मामले प्रकाश में आ चुके हैं. कईयों ने शौचालय में दुकानें खोल ली हैं, तो कईयों ने इनमें कंडे और लकड़ियां रखी हुई हैं. बाराबंकी जिले में भी एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है.

यहां स्वच्छ भारत अभियान के तहत शासन से 12 हजार रुपए लेकर बनाए गए शौचालय का उपयोग एक परिवार रसोई घर के रूप में कर रहा है. यह मामला देवा थाना क्षेत्र के अकनपुर गांव का है. शौचालय में खाना बनाने का कारण पूछने पर लाभार्थी राम प्रकाश और उनके परिवार के सदस्यों ने बताया कि उन्हें आवास नहीं मिला है. वे झोपड़ी में रहते हैं और शौचालय को रसोईघर बना रखा है.

ये सभी लोग शौच के लिए खेतों में जाते हैं. सरकार ने शौचालय बनाने के लिए सहायता राशि तो इसी लिए दी थी कि लोगों को खुले में शौच के लिए न जाना पड़ा. आपको बता दें कि बाराबंकी जिला ओडीएफ घोषित हो चुका है.  राम प्रकाश ने यह भी माना की खुले में शौच जाना गलत है. लेकिन वह कहते हैं कि जब रहने के लिए घर ही नहीं है तो खाना कहां बनाएं.

उन्होंने गांव के प्रधान से कई बार आवास के लिये कहा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. राम प्रकाश की पत्नी मालती ने कहा कि उन्हें शौचालय में खाना बनाना बिलकुल अच्छा नहीं लगता, लेकिन घर न होने के चलते वह मजबूर हैं. गांव के ही रहने वाले प्रमोद का कहना है कि यहां बहुत लोग शौच के लिये बाहर जाते हैं. क्योंकि कुछ लोगों के शौचालय बने हैं, जबकि कई लोगों के यहां शौचालय अधूरे पड़े हैं.

ग्राम प्रधान ने शौचालय बनवाने के लिए कहा था, लेकिन नहीं बनवा रहे. इसी वजह से ग्रामीण शौच के लिये बाहर जा रहे हैं. प्रमोद ने कहा कि उन्होंने कई बार कई सरकारी कर्मचारियों से इसकी शिकायत भी की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. इस मामले पर बाराबंकी के जिलाधिकारी आदर्श सिंह ने कहा कि अभी तक ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है.

जिसका नाम भी पात्रता सूची में दर्ज होता है उसे पीएम आवास दिया जाता है. जो भी लोग सूची से छूटे हुए हैं और पात्र हैं, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास दिया जाना है. डीएम ने कहा कि वह इस मामले में जांच कराने के बाद आवश्यक कार्रवाई करेंगे. इसके अलावा जो लोग पात्र होंगे उन्हें प्रशासन की ओर से अवास भी दिलाया जाएगा.