जेवर कांड का आरोपी मोनू बावरिया गिरफ्तार, 2017 सिंकदाबाद रोड पर दिया था लूट को अंजाम

मोनू बावरिया ने साल 2017 में थाना जेवर क्षेत्र में संगीन घटना को अंजाम दिया जिसमें सिकंदरबाद रोड पर कार का टायर पंक्चर कर रोक लिया और उसमें बैठी महिलाओं के साथ अभद्रता की गई

जेवर कांड का आरोपी मोनू बावरिया गिरफ्तार, 2017 सिंकदाबाद रोड पर दिया था लूट को अंजाम

नई दिल्लीः यूपी के नोएडा में एसटीएफ ने सोमवार रात को 2017 में हुए सनसनीखेज जेवर कांड में शामिल कुख्यात अपराधी और 50 हजार के इनामी बदमाश मोनू बावरिया को गिरफ्तार कर लिया है. मोनू बावरिया राजस्थान के अलवर जिले का रहने वाला है और उसकी गिरफ्तारी जेवर थाना क्षेत्र से ही हुई है.  

मोनू बावरिया ने साल 2017 में थाना जेवर क्षेत्र में संगीन घटना को अंजाम दिया जिसमें सिकंदरबाद रोड पर कार का टायर पंक्चर कर रोक लिया और उसमें बैठी महिलाओं के साथ अभद्रता की गई. इस दौरान मोनू ने एक आदमी की गोली मारकर हत्या करके लूटपाट की थी. सोमवार को हुई मोनू की गिरफ्तारी में पुलिस ने इसके पास से मोटरसाइकिल, 1 तमंचा (315 बोर) और कारतूस बरामद हुए है.

रेप और मर्डर का आरोप
पुलिस 25 मई 2017 को जेवर क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस पर हुई वारदात के 5 अपराधियों को पकड़ने के लिए अपने सूचना नेटवर्क पर अब निर्भर है. दरअसल 25 मई को 8 लोग बुलंदशहर जा रहे थे, जिनसे जेवर क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस पर लूटपाट की गई. इस समूह की 4 महिलाओं के साथ कथित तौर पर बलात्कार हुआ जबकि एक पुरुष की अपराधियों ने हत्या कर दी थी.

मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं हुआ
उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि अपराधियों ने अपराध के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किया था. जेवर पुलिस और उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल दल ने अपराध स्थल क्षेत्र में 25 मई 2017 की रात एक बजे से सुबह चार बजे तक के कॉल डिटेल की जांच की है और पाया है कि उस समय क्षेत्र में 2500 फोन नंबर काम कर रहे थे.

कॉल डिटेल की जांच में कुछ नहीं मिला
पुलिस अधिकारी ने बताया था कि इन फोन नंबरों की कॉल डिटेल की जांच की गई है लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला. उन्होंने बताया था कि हो सकता है कि अपराधियों ने अपराध के दौरान पुलिस के डर से फोन का इस्तेमाल न किया हो. अधिकारियों ने बताया कि पीड़ितों के तीन मोबाइन फोन भी अपराध के दौरान काम नहीं कर रहे थे. पीड़ितों से अपराधियों ने कथित तौर पर फोन छीन लिया था. एसटीएफ अधिकारी ने बताया कि अभी तक ये सभी मोबाइल काम नहीं कर रहे हैं. सर्विलांस के मामलों के विशेषज्ञ को अलीगढ़ से जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया था. 

पीड़ित परिवार पुलिस द्वारा प्रारंभिक जांच में बलात्कार की घटना को नकारने से नाराज
पुलिस ने पीड़ितों को 100 संदिग्ध लोगों की तस्वीरें भी दिखाई थी लेकिन वह अपराधियों को पहचानने में नाकामयाब रहे थे. अधिकारी ने बताया था कि पीड़ितों का कहना है कि अपराध के समय काफी अंधेरा था जिससे अपराधियों की पहचान तस्वीर से करना मुश्किल है. नोएडा की पूर्व विधायक और भाजपा नेता विमला बाथम ने दावा किया था कि पीड़ित परिवार पुलिस द्वारा प्रारंभिक जांच में बलात्कार की घटना को नकारने से नाराज हैं.

उन्होंने दावा किया था कि पुलिस को पीड़ितों के खिलाफ बयान देने की अपेक्षा अपराधियों को गिरफ्तार करने पर ध्यान देना चाहिए. वहीं 26 मई 2017 को पुलिस ने चार लोगों को यमुना एक्सप्रेस वे पर लूटपाट और कथित बलात्कार की घटना में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था. जेवर के पुलिस उपाधीक्षक दिलीप सिंह ने कहा, ‘जैसे ही हम संदिग्धों के शामिल होने की पुष्टि करेंगे. हम उन्हें गिरफ्तार करेंगे. वहीं अन्य संदिग्ध लोगों से भी पूछताछ हो रही है.