Lalitpur News:ललितपुर में जामिनी बांध से छोड़ा गया पानी महरौनी–रजवाहा नहर के ओवरफ्लो होने से माइनर फट गई, जिससे कई किसानों की फसलें डूब गईं. जांच में पता चला कि किसी किसान द्वारा कुलावा काटने से हादसा हुआ. नहर की मरम्मत कर स्थिति सामान्य की गई.
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ललितपुर न्यूज/अमित सोनी : उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया, जब जामिनी बांध से छोड़ा गया पानी महरौनी–रजवाहा नहर में अचानक ओवरफ्लो होकर फट गया. नहर फटने से आसपास के खेतों में तेजी से पानी भर गया और कई किसानों की एकड़ भर की फसलें जलमग्न हो गईं. घटना की जानकारी मिलते ही खेतों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. किसान मौके पर पहुंचकर अपनी फसलें बचाने की कोशिश में जुट गए, लेकिन तेज बहाव के आगे किसी की एक न चली.
क्या है पूरा मामला ?
सूचना मिलने पर सिंचाई विभाग के अधिकारी और कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचे. निरीक्षण के दौरान विभाग को पता चला कि नहर की माइनर इसीलिए फटी क्योंकि किसी किसान ने कुलावा काट दिया था और उसे ठीक तरीके से बंद नहीं किया गया था. विभागीय अधिकारियों के अनुसार, कटाव के कारण पानी नहर में ओवरफ्लो होने लगा और दबाव बढ़ने के चलते माइनर टूट गई. इससे निकला भारी पानी सीधे खेतों में घुस गया और तैयार फसलों को नुकसान पहुंचा दिया.
अधिकारियों के बयान के अनुसार, यदि कुलावा को समय रहते ठीक कर दिया जाता या विभाग को इसकी सूचना मिल जाती, तो नहर टूटने की नौबत ही न आती. घटना ने सिंचाई व्यवस्था पर सवाल भी खड़े कर दिए हैं कि कुलावा काटने की गतिविधि पर समय रहते किसी की नज़र क्यों नहीं गई.
किसानों ने मुआवजे की मांग उठाई
घटना के तुरंत बाद विभागीय टीम ने क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कर दी और नहर को पुनः सुचारु कर दिया गया. अब जामिनी बांध का पानी टेल तक पहुंच रहा है और स्थिति सामान्य बताई जा रही है. हालांकि, पानी से फसल बर्बाद होने से किसान काफी परेशान हैं. कई किसानों ने शिकायत की है कि उनकी मेहनत पानी में बह गई और सरकार से उचित मुआवजे की मांग उठाई है.
ग्रामीणों का कहना है कि सिंचाई विभाग को नहरों की निगरानी और क्षेत्रीय स्तर पर नियमित गश्त बढ़ानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों. वहीं विभाग के अधिकारी मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की बात कह रहे हैं.
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