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ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले, 'UP में विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़ेगी कांग्रेस'

सिंधिया ने करीब साढ़े छह घंटे तक लोकसभा सीटवार चुनावी नतीजों की समीक्षा की. उन्होंने दो-दो लोकसभा सीटों की एक साथ बैठक की. 

ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले, 'UP में विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़ेगी कांग्रेस'
प्रदेश प्रवक्ता अशोक सिंह ने बताया कि प्रत्याशी चयन में स्थानीय संगठन की कोई राय नहीं ली जाती और प्रत्याशी ऊपर से थोप दिए जाते हैं. जमीन पर कार्यकर्ताओं की अनदेखी होती है.

लखनऊ: कांग्रेस महासचिव और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस को राज्य में मजबूत किया जाएगा और 2022 का विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़ने की तैयारी की जाएगी. ज्योतिरादित्य ने लोकसभा सीटवार समीक्षा के बाद पत्रकारों को बताया, "कांग्रेस को मजबूत करना हमारी एकमात्र प्राथमिकता है. 2022 का विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़ने की तैयारी करेंगे." प्रियंका गांधी को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाए जाने के सवाल पर सिंधिया ने कहा कि इसका फैसला नेतृत्व ही करेगा.

सिंधिया ने कहा, "जो चुनाव परिणाम सामने आए हैं, बिल्कुल भी संतोषजनक नहीं हैं. कार्यकर्ताओं की राय लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी. अब कार्यकर्ताओं को हार-जीत का चक्कर छोड़कर मिशन 2022 के लिए लगना होगा." उपचुनाव के बारे में उन्होंने कहा, "अगले चरण में उपचुनाव की एक-एक सीट के बारे में स्थानीय नेतृत्व से चर्चा करके प्रत्याशियों के बारे में फैसला किया जाएगा. बूथ स्तर तक संगठन के पुनर्गठन के बारे में निर्णय लेंगे. अच्छे प्रत्याशियों को आगे करके फैसला लिया जाएगा."

इससे पहले सिंधिया ने करीब साढ़े छह घंटे तक लोकसभा सीटवार चुनावी नतीजों की समीक्षा की. उन्होंने दो-दो लोकसभा सीटों की एक साथ बैठक की. इसमें प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर और सिंधिया से संबद्ध दोनों सचिव रोहित चौधरी और धीरज गूर्जर मौजूद थे. बैठकों में जिला-शहर अध्यक्षों ने बाहरी प्रत्याशियों द्वारा स्थानीय संगठन से तालमेल न करने की बात कही.

प्रदेश प्रवक्ता अशोक सिंह ने बताया, "प्रत्याशी चयन में स्थानीय संगठन की कोई राय नहीं ली जाती और प्रत्याशी ऊपर से थोप दिए जाते हैं. जमीन पर कार्यकर्ताओं की अनदेखी होती है. चुनाव के समय बाहरी लोगों को बढ़ावा देने का खमियाजा भी पार्टी को भुगतना पड़ता है. इसीलिए इस बार चुनाव में अपने मूल कार्यकर्ताओं की बात सुनी जाए."