2015 में दिए भड़काऊ भाषण की वजह से हुई कमलेश की हत्या, 24 घंटे में सुलझाया केस: DGP

डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि सूरत के मौलाना मोसिन सलीम शेख, फैजान जिलानी और रशीद को गिरफ्तार किया है. रशीद को कंप्यूटर का अच्छा ज्ञान है और दर्जी का काम करता है. वहीं, फैजान मिठाई खरीदने वालों में शामिल है. 

2015 में दिए भड़काऊ भाषण की वजह से हुई कमलेश की हत्या, 24 घंटे में सुलझाया केस: DGP
24 घंटे में पुलिस ने मामले का खुलासा किया है.

लखनऊ: कमलेश तिवारी हत्याकांड (Kamlesh Tiwari Murder Case) के बाद यूपी (Uttar Pradesh) की सियासत में हलचल मची हुई है. विपक्षी पार्टी जहां बीजेपी सरकार पर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं. वहीं, पीड़ित परिवार ने भी इस हत्याकांड के लिए सरकार और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है. यूपी डीजीपी ओम प्रकाश सिंह (OP Singh) लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस की. यह प्रेस कॉन्फ्रेंस पुलिस मुख्यालय (सिग्नेचर बिल्डिंग), गोमती नगर विस्तार के मीडिया ब्रीफिंग हॉल में हुई. डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि उनकी टीम ने 24 घंटे के अंदर कमलेश तिवारी हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया है.

डीजीपी ओम प्रकाश ने कहा कि हमें इस बात का शक था कि इस घटना के तार गुजरात से जुड़े हैं. इसलिए कार्रवाई करते हुए सूरत से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है. उन्होंने बताया कि इन तीनों के अलावा कुछ और लोगों को हिरासत में लिया गया था, लेकिन पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया.

उन्होंने बताया कि बिजनौर से दो मौलानाओं को हिरासत में लिया है. डीजीपी ने बताया कि हत्याकांड के षड़यंत्र में शामिल मौलाना अनवारुल हक और मौलाना नईम कासनी शामिल हो सकते हैं.  देर रात दोनों को हिरासत में लिया गया. सूरत के मौलाना मोसिन सलीम शेख, फैजान जिलानी और रशीद को गिरफ्तार किया है. रशीद को कंप्यूटर का अच्छा ज्ञान है और दर्जी का काम करता है. वहीं, फैजान मिठाई खरीदने वालों में शामिल है. 

एफआईआर में दर्ज दो षड्यंत्रकारी जिनके नाम मौलाना अनवारुल हक और मौलाना नईम कासनी हैं. रशीद ने शुरुआती प्लान बनाया था और उसी को मौलाना सलीम शेख ने उकसाने का काम किया. डीजीपी ने बताया कि 2015 में कमलेश ने कुछ आपत्तिजनक बयान दिया था, जिसके बाद मौलाना ने रशीद को उकसाया और उसके बाद ही इन्होंने ये साजिश रची.

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डीजीपी ने कहा कि प्रारंभिक विवेचना से स्पष्ट है कि तीनों इस हत्याकांड में शामिल रहे हैं और अन्य मुख्य अभियुक्त भी हैं, जिनकी गिरफ्तारी की तैयारी कर रहे हैं. एडीजी लखनऊ जोन से और टीम को सूरत भेज सकते हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें लखनऊ लाकर पूछताछ करेंगे. 

वहीं, हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी हत्याकांड में रामपुर, मुरादाबाद से कुछ संदिग्धों को भी गिरफ्तार किया गया है. आपको बता दें कि लखनऊ में शुक्रवार को दिन दहाड़े हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या कर दी गई थी. नाका थाना क्षेत्र इलाके में हिन्दू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी पर गोलियां दागी गई थीं. वारदात को अंजाम देकर आरोपी फरार हो गए. बताया जा रहा है कि भगवा कपड़े पहने दो हमलावर हाथ में मिठाई के डिब्बा लेकर कार्यालय में घुसे और गोलियां दाग दीं थी. 

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