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कमलेश तिवारी हत्याकांड: पनाहगार 'बेनकाब', बरेली-लखीमपुर से 3 और गिरफ्तार

तीनों पर आरोप है कि इन्होंने हत्यारोपियों को छिपाने और भगाने में मदद की. इससे पहले बरेली के दरगाह आला हजरत के मौलाना सैय्यद कैफी को एटीएस ने पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था.

कमलेश तिवारी हत्याकांड: पनाहगार 'बेनकाब', बरेली-लखीमपुर से 3 और गिरफ्तार
लखनऊ में 18 अक्टूबर को दिन दहाड़े हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या कर दी गई थी. (फाइल फोटो)

बरेली/लखीमपुर: हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड (Kamlesh Tiwari murder case) में गिरफ्तारियों का दौर जारी है. यूपी पुलिस (UP Police) ने हत्या आरोपियों के तीन और मददगारों को गिरफ्तार किया है. मदद करने वाले बरेली (Bareilly) के वकील मो. नावेद और लखीमपुर (Lakhimpur) के पलिया निवासी रईस और आसिफ को पूछताछ के बाद पुलिस ने  गिरफ्तार कर लिया है. तीनों पर आरोप है कि इन्होंने हत्यारोपियों को छिपाने और भगाने में मदद की. 

पुलिस के मुताबिक, नावेद ने हत्या के दोनों आरोपियों अशफाक और मोइनुद्दीन को बरेली में दरगाह में रुकवाने से नेपाल बार्डर तक पहुंचाने में मदद की थी. रईस और आसिफ ने नावेद के ही कहने पर दोनों को 10 हजार रुपये की मदद की थी.

इससे पहले बरेली के दरगाह आला हजरत के मौलाना सैय्यद कैफी को एटीएस ने पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था तो अबतक कमलेश तिवारी हत्याकांड को अंजाम देने वाले दोनों आरोपियों की मदद करने के आरोप में 4 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. यूपी पुलिस और ATS और भी संदिग्ध की तलाश में लगातार जुटी हुई है. इस मामले में कई और मददगार बेनकाब हो सकते हैं.

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आपको बता दें कि लखनऊ में 18 अक्टूबर को दिन दहाड़े हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या कर दी गई थी. नाका थाना क्षेत्र इलाके में हिन्दू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी पर गोलियां दागी गई थीं. वारदात को अंजाम देकर आरोपी फरार हो गए. बताया जा रहा है कि भगवा कपड़े पहने दो हमलावर हाथ में मिठाई के डिब्बा लेकर कार्यालय में घुसे और गोलियां दाग दीं थी.