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कमलेश तिवारी हत्याकांड: सार्वजनिक कार्यक्रम में मौत के घाट उतारने की थी साजिश!

सूत्रों की मानें तो, कार्यक्रम में बदलाव के बाद कमलेश तिवारी हत्याकांड को दो दिन पहले 18 अक्टूबर को अंजाम दिया गया.

कमलेश तिवारी हत्याकांड: सार्वजनिक कार्यक्रम में मौत के घाट उतारने की थी साजिश!
अभी तक की विवेचना में राशिद पठान द्वारा फंडिंग की बात सामने आई है. हालांकि, अभी पूछताछ जारी है.

लखनऊ: कमलेश तिवारी हत्याकांड (Kamlesh Tiwari Murder Case) के मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है. बताया जा रहा है कि हत्यारोपी अशफाक और मोईनुद्दीन का प्लान कमलेश तिवारी को 20 अक्टूबर को किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में मारने का था. सूत्रों की मानें तो, 20 अक्टूबर को हिंदू समाज पार्टी का एक सार्वजनिक कार्यक्रम होना था. इसी कार्यक्रम में कमलेश तिवारी की हत्या करने का प्लान बनाया गया था. सूत्रों का कहना है कि आखिरी समय मे हिंदू समाज पार्टी के सार्वजनिक कार्यक्रम के निरस्त होने के चलते प्लानिंग में बदलाव किया गया था.

कार्यक्रम रद्द होने पर की दो दिन पहले हत्या
सूत्रों की मानें तो, कार्यक्रम में बदलाव के बाद कमलेश तिवारी हत्याकांड को दो दिन पहले 18 अक्टूबर को अंजाम दिया गया. बताया जा रहा है कि हत्यारोपियों ने कमलेश तिवारी को सार्वजनिक कार्यक्रम में मारने की प्लानिंग इसलिए की थी कि समाज में एक बड़ा मैसेज जाए. बता दें कि अशफाक एक कम्पनी में मेडिकल रिप्रेजेन्टेटिव का काम करता था. वहीं, मोइनुद्दीन डिलीवरी ब्वॉय था. अभी तक की विवेचना में राशिद पठान द्वारा फंडिंग की बात सामने आई है. हालांकि, अभी पूछताछ जारी है.

पहले मारी गोली फिर चाकू से किए ताबड़तोड़ वार
वहीं, कमलेश तिवारी हत्याकांड (Kamlesh Tiwari Mudercase) के मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट (postmortem report) से खुलासा किया है कि मृतक को पहले गोली मारी गई और उसके बाद धारदार हथियार से सीने पर 7 बार वार किए गए. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि आरोपियों ने कमलेश की गर्दन पर चाकू के वार से किए हैं. आरोपियों ने धारदार हथियार से करीब 15 वार किए हैं. 

गर्दन रेतने के भी मिले निशान
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, गर्दन पर 12 सेंटीमीटर लंबा और 3 सेंटीमीटर गहरा घाव हुआ है. रिपोर्ट में कमलेश की मौत का कारण गला रेतना भी बना है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनके सीने के बाईं तरफ चाकू के सात वार का जिक्र किया है. इसके साथ ही तिवारी के शव के परीक्षण के दौरान दो जगह चाकू से रेते जाने के निशान मिलने हैं. इनमें से एक निशान उनकी गर्दन को रेतने का है.