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कमलेश तिवारी हत्याकांड: बरेली से मौलाना गिरफ्तार, हत्यारों को शरण देने का आरोप

मौलाना सैय्यद कैफी परआईपीसी की धारा-216 के तहत कार्रवाई हुई है. आरोप है कि इसी आरोपी ने कमलेश तिवारी के हत्यारों को शेख अशफाक हुसैन और पठान मोईनुद्दीन अहमद को शरण दी थी. 

कमलेश तिवारी हत्याकांड: बरेली से मौलाना गिरफ्तार, हत्यारों को शरण देने का आरोप
इन दोनों आरोपियों को मौलाना ने शरण दी थी.

बरेली: लखनऊ (Lucknow) में हिन्दू समाज पार्टी (Hindu Samaj Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी हत्याकांड (Kamlesh Tiwari Murder Case) मामले में पुलिस ने बरेली (Bareilly) से एक मौलाना को गिरफ्तार किया है. मौलाना का नाम सैय्यद कैफी (Maulana Syed Kaifi) बताया जा रहा है. बरेली से गिरफ्तार मौलाना सैय्यद कैफी पर आईपीसी की धारा-216 के तहत कार्रवाई हुई है. आरोप है कि इसी आरोपी ने कमलेश तिवारी के हत्यारों को शेख अशफाक हुसैन और पठान मोईनुद्दीन अहमद को शरण दी थी. 

आरोप है कि कमलेश तिवारी की हत्या के बाद फरार हुए दोनों आरोपियों को मौलाना कैफी ने मदद की थी. आपको बता दें कि मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में एक और बड़ा खुलासा किया था. पूछताछ में उन्होंने बताया कि हत्यारोपी अशफाक और मोईनुद्दीन का प्लान कमलेश तिवारी को 20 अक्टूबर को किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में मारने का था.

सूत्रों की मानें तो, 20 अक्टूबर को हिंदू समाज पार्टी का एक सार्वजनिक कार्यक्रम होना था. इसी कार्यक्रम में कमलेश तिवारी की हत्या करने का प्लान बनाया गया था. सूत्रों का कहना है कि आखिरी समय मे हिंदू समाज पार्टी के सार्वजनिक कार्यक्रम के निरस्त होने के चलते प्लानिंग में बदलाव किया गया था.

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कार्यक्रम में बदलाव के बाद कमलेश तिवारी हत्याकांड को दो दिन पहले 18 अक्टूबर को अंजाम दिया गया. बताया जा रहा है कि हत्यारोपियों ने कमलेश तिवारी को सार्वजनिक कार्यक्रम में मारने की प्लानिंग इसलिए की थी कि समाज में एक बड़ा मैसेज जाए. बता दें कि अशफाक एक कम्पनी में मेडिकल रिप्रेजेन्टेटिव का काम करता था. वहीं, मोइनुद्दीन डिलीवरी ब्वॉय था. अभी तक की विवेचना में राशिद पठान द्वारा फंडिंग की बात सामने आई है. हालांकि, अभी पूछताछ जारी है.