कमलेश तिवारी हत्याकांड: गुजरात में पकड़े गए दोनों मुख्य आरोपी, ATS ने की गिरफ्तारी

गुजरात एटीएस के हत्थे चढ़े दोनों दोनों आरोपियों के नाम अशफाक हुसैन और मोइनुद्दीन पठान है. गुजरात एटीएस के डीआईजी हिमांशु शुक्ला ने बताया जा रहा है कि दोनों मुख्य आरोपी राजस्थान के रास्ते गुजरात में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे, इसी दौरान उन्हें दबोच लिया गया.

कमलेश तिवारी हत्याकांड: गुजरात में पकड़े गए दोनों मुख्य आरोपी, ATS ने की गिरफ्तारी
कमलेश तिवारी हत्याकांड में आरोपियों की तस्वीर सीसीटीवी में कैद हुई थी.

अहमदाबाद: हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी हत्याकांड (Kamlesh Tiwari murder case) मामले में दोनों मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है. दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी गुजराज-राजस्थान के बॉर्डर इलाके शामलाजी (Shamlaji) से हुई है. गुजरात एटीएस के हत्थे चढ़े दोनों दोनों आरोपियों के नाम अशफाक हुसैन और मोइनुद्दीन पठान है. गुजरात एटीएस के डीआईजी हिमांशु शुक्ला ने बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी राजस्थान के रास्ते गुजरात में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे, इसी दौरान उन्हें दबोच लिया गया.

इससे पहले हत्या की साजिश रचने वाले गुजरात के सूरत निवासी रशीद अहमद पठान उर्फ राशिद, मौलाना मोहसिन शेख व फैजान यूनुस को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया. लखनऊ पुलिस तीनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आई है. पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि तीनों साजिशकर्ताओं को कड़ी सुरक्षा में एक गोपनीय स्थान पर रखा गया है. उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी एएसपी पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी को सौंपी गई है.

उन्होंने बताया कि तीनों साजिशकर्ताओं को रविवार देर रात लखनऊ लेकर आया गया था. इस बीच कानपुर देहात का टैक्सी चालक, कानपुर के रेल बाजार स्थित मोबाइल फोन दुकानदार समेत तीन लोगों को भी लखनऊ लाया गया. एसआईटी ने साजिशकर्ताओं व उपरोक्त तीन संदिग्धों से करीब चार घंटे तक पूछताछ की. 

सूरत से कमलेश तिवारी की हत्या की साजिश रचने वाले मौलाना मोहसिन, राशिद पठान और फैजान से 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर पूछताछ हो रही है. इससे पहले सोमवार को एसआईटी के साथ ही एनआईए, एटीएस, आईबी और अन्य एजेंसियों के अधिकारी दिनभर उनसे पूछताछ करते रहे. पूछताछ के अधार पर पुलिस टीमों को अन्य जिलों में भी रवाना किया गया है.

SIT ने कत्ल में इस्तेमाल कार जब्त की
उत्तर प्रदेश पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी के कातिलों के द्वारा इस्तेमाल एक इनोवा कार जब्त की है. कमलेश के कातिलों ने लखीमपुर में पलिया से शाहजहांपुर तक जाने के लिए इसे बुक किया था. कार के ड्राइवर को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया है. सूत्रों के अनुसार, ड्राइवर ने खुलासा किया है कि कार को उसके मालिक के एक रिश्तेदार ने गुजरात से 5,000 रुपये में बुक किया था.

माना गया है कि कातिल इसी कार से लखीमपुर से शाहजहांपुर गए, जहां सोमवार को एक सीसीटीवी कैमरे में उन्हें बस स्टेशन की तरफ पैदल जाते हुए देखा गया था. एसआईटी ने सोमवार को दोनों की तलाश में कई होटलों, लॉज और मदरसों में छापेमारी की, लेकिन उन्हें नहीं पकड़ सकी. इसके अलावा आसपास के जिलों में भी तलाशी की जा रही है और सभी आने-जाने वाले मार्गो पर अलर्ट जारी कर दिया गया है.

दोनों कातिलों पर अलग-अलग 2.5 लाख रुपये का इनाम घोषित करने के अलावा पुलिस ने दोनों के स्केच भी जारी कर दिए हैं. एसटीएफ के एक अधिकारी ने कहा, "माना जा रहा है कातिल नेपाल भागने की कोशिश कर सकते हैं और हम उन्हें बाहर जाने से रोकने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. वे अभी भी शाहजहांपुर में छिपे हो सकते हैं." पुलिस की एक टीम ने पीलीभीत जिला के शेरपुर गांव निवासी फिरोज (28) से भी पूछताछ की है. फिरोज का कथित रूप से तिवारी हत्याकांड के एक आरोपी राशिद से संबंध है.

ज्ञात हो कि लखनऊ के खुर्शीदबाग में 18 अक्टूबर को दिन दहाड़े हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या कर दी गई थी. नाका थाना क्षेत्र इलाके में तिवारी की चाकुओं से गोदकर हत्या की गई थी.

इनपुट: उदय राजन

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