बुढ़ापे की लाठी बनने की जगह मां-बाप को रोड पर ले आए बहू-बेटे, पुलिस कमिश्नर ने ऐसे सिखाया सबक

कानपुर पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने बुजुर्ग दंपति को उनके घर पहुंचाया और मारपीट करने के आरोप के चलते बेटे और बहू को गिरफ्तार कराकर शांतिभंग की कार्रवाई कराई.

बुढ़ापे की लाठी बनने की जगह मां-बाप को रोड पर ले आए बहू-बेटे, पुलिस कमिश्नर ने ऐसे सिखाया सबक

श्याम तिवारी/कानपुर: कानपुर पुलिस कमिश्नर असीम अरुण की छवि एक सख्त अफसर के रूप में जानी जाती है. लेकिन इस बार कानपुर के पुलिस कमिश्नर के नये कार्य की चर्चा पूरे शहर में है. 

बूढ़े मां-बाप को बेटे-बहू ने घर से निकाला
दरअसल मामला चकेरी में एक बुजुर्ग दंपती से जुड़ा है. जहां उन्हें घर से बाहर निकालने वाले बेटे-बहू को पुलिस कमिश्नर ने सबक सिखाया. आरोप है कि बेटे और बहू ने अपने बूढ़े मां बाप को विवाद के बाद मारपीट कर घर से निकाल दिया था. थाने और चौकी में चक्कर लगाकर परेशान हुए दंपती ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की.

पुलिस कमिश्नर ने सिखाया सबक
जिसके बाद वह खुद बुजुर्ग दंपती को लेकर उनके घर पहुंचे. जहां उन्होंने बुजुर्ग दंपति को उनके घर पहुंचाया और मारपीट करने के आरोप के चलते उन्होंने बेटे और बहू को गिरफ्तार कराकर शांतिभंग की कार्रवाई कराई. इतना ही नहीं उन्होंने बुजुर्ग दंपती की सुरक्षा के लिए उनके घर पर फोर्स भी तैनात की है.

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बुजुर्ग दंपति को घर में दिलाई जगह
आपको बता दें कि बुजुर्ग दंपती को पीटकर घर से निकालने के बाद बेटे और बहू ने उनका सामान समेट कर कमरों में अपने ताले डाल दिए थे. पुलिस कमिश्नर जब घर के अंदर बुजुर्ग दंपति संग पहुंचे, तो कमरे में ताले बंद देखें. पूछने पर बुजुर्ग दंपती ने उन्हीं के कमरे होने की जानकारी दी. इस पर उन्होंने बहू से दोनों कमरों के ताले खुलवाये. वहीं, उन्होंने बुजुर्ग दंपती को घर में रहने की बात कहते हुए अपना नंबर दिया और दोबारा परेशानी होने पर तत्काल सूचना देने की बात कही है. 

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