kanpur News: कानपुर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने और शहरवासियों को जाम से राहत देने के लिए बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान तैयार किया गया है. उप्र राज्य सेतु निगम ने करीब 3,904 करोड़ रुपये की लागत से चार रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) और दो फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा है.
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इस योजना के तहत गोविंदनगर में 4.2 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर बनाया जाएगा, जिस पर करीब 945.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इसके बनने से मरियमपुर, फजलगंज, नंदलाल चौराहा और चावला मार्केट जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा.
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टाटमिल चौराहे पर भी जाम से राहत के लिए एक और आरओबी बनाने की योजना है. यह पुल घंटाघर रोड पर हैरिसगंज के पास बने मौजूदा रेल ओवरब्रिज के समानांतर होगा और दो लेन का बनेगा. इसके निर्माण पर करीब 424 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र, जो अक्सर जाम के लिए बदनाम है, वहां भी 817 मीटर लंबा आरओबी बनाया जाएगा. इससे भारी वाहनों की आवाजाही आसान होगी और जूही-अफीमकोठी रूट पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी.
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सबसे बड़ी परियोजना गंगा बैराज से शुक्लागंज तक प्रस्तावित 7 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड और रिवरफ्रंट है. छह लेन के इस मार्ग के निर्माण पर करीब 1,755 करोड़ रुपये खर्च होंगे. फिलहाल इसकी डीपीआर प्रक्रिया जारी है और टेंडर प्रक्रिया भी आगे बढ़ चुकी है.
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इसके अलावा पनकी यार्ड के पास 1,197 मीटर लंबा फोरलेन आरओबी बनाया जाएगा, जिस पर 305.01 करोड़ रुपये खर्च होंगे. वहीं पनकीधाम रेलवे स्टेशन के पास भी 942 मीटर लंबा एक और दो लेन आरओबी प्रस्तावित है, जिसकी लागत 235.45 करोड़ रुपये आंकी गई है.
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कुछ परियोजनाओं में रेलवे से तकनीकी मंजूरी और प्रोफाइल स्केच मिलना बाकी है. जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, शासन से बजट मंजूरी लेकर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा. इन सभी परियोजनाओं के पूरे होने के बाद कानपुर में ट्रैफिक जाम की समस्या में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है और शहर का आवागमन पहले से कहीं ज्यादा सुगम हो जाएगा.
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लेख में दी गई ये जानकारी सामान्य स्रोतों से इकट्ठा की गई है. इसकी प्रामाणिकता की जिम्मेदारी हमारी नहीं है. एआई के काल्पनिक चित्रण का जी यूपीयूके हूबहू समान होने का दावा या पुष्टि नहीं करता.