कासगंज हिंसा मामले में एक और गिरफ्तार, चंदन गुप्ता की हत्या और दंगा भड़काने का आरोप

लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय से 31 जनवरी को मिली जानकारी के अनुसार सलीम ने चंदन पर गोली चलाने की बात स्वीकार भी कर ली है.

कासगंज हिंसा मामले में एक और गिरफ्तार, चंदन गुप्ता की हत्या और दंगा भड़काने का आरोप
26 जनवरी को तिरंगा यात्रा के दौरान कासगंज में सांप्रदायिक हिंसा फैल गई थी. (फाइल फोटो)

कासगंज (उप्र): कासगंज में 26 जनवरी को तिरंगा यात्रा के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने चंदन गुप्ता की हत्या और दंगा भड़काने के आरोपी राहत कुरैशी को शनिवार (3 फरवरी) को गिरफतार कर लिया. कासगंज के पुलिस अधीक्षक पीयूष श्रीवास्तव ने बताया, 'दंगा भड़काने और चंदन गुप्ता हत्याकांड के आरोपी राहत कुरैशी को आज (शनिवार, 3 फरवरी) शहर की काशीराम कालोनी से गिरफ्तार कर लिया गया. उसे गुप्त स्थान पर रखकर पूछताछ की जा रही है.’’ गौरतलब है कि कासगंज में 26 जनवरी को तिरंगा यात्रा के दौरान हुई हिंसा में मारे गये चंदन (22) की हत्या के मुख्य आरोपी सलीम को पुलिस 31 जनवरी को गिरफ्तार कर चुकी है. आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल तमंचा भी बरामद किया जा चुका है. लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय से 31 जनवरी को मिली जानकारी के अनुसार सलीम ने चंदन पर गोली चलाने की बात स्वीकार भी कर ली है. सलीम के भाइयों नसीम और वसीम की तलाश की जा रही है, वह अभी भी पुलिस के हाथ नही लगे है.

कासगंज में हिंसा पर योगी सरकार के मंत्री का बयान - ऐसी छोटी-मोटी घटनाएं होती रहती हैं
वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री सत्यदेव पचौरी ने शनिवार (3 फरवरी) को एक विवादित बयान दिया कि कासगंज में हुई हिंसा ‘छोटी-मोटी घटना थी.’ गणतंत्र दिवस के अवसर पर कासगंज में हुई हिंसा के बारे में पूछे जाने पर पचौरी ने पत्रकारों से कहा, ‘ऐसी छोटी-मोटी घटनाएं अक्सर होती रहती हैं......हर जगह होती हैं. ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं है.’ कासगंज में गणतंत्र दिवस मनाने के लिए निकाली गई एक मोटरसाइकिल रैली पर एक भीड़ की ओर से किए गए हमले में चंदन गुप्ता नाम के एक शख्स की मौत हो गई थी.

चंदन की मौत के बाद इलाके में हिंसा फैल गई थी जिसमें कम से कम तीन दुकानें, दो बसें और एक कार को आग के हवाले कर दिया गया था. खादी, ग्रामोद्योग एवं कपड़ा विभाग के मंत्री पचौरी ने इस घटना के लिए जिले के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा, ‘अधिकारियों को मामला बढ़ने से पहले ही कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए थे.’