ज्वैलर को उठा ले गई थी नेपाल पुलिस, परिजनों ने PM मोदी से पत्र लिखकर लगाई गुहार

व्यापारी के परिजनों ने सवाल किए क्या भारत सरकार इसकी जिम्मेदारी नहीं है कि उसके नागरिकों में से एक को दूसरे देश में ले जाया गया है. उन्होंने मांग की इस मामले पर जल्द कोई होने चाहिए. 

 ज्वैलर को उठा ले गई थी नेपाल पुलिस, परिजनों ने PM मोदी से पत्र लिखकर लगाई गुहार
व्यापारी की पत्नी का कहना है कि उन्हें नेपाल पुलिस पर बिलकुल भी विश्वास नहीं है. (फोटो एएनआई)

नई दिल्ली: लखनऊ में सर्राफा व्यापारी किशोरीलाल को नेपाल पुलिस की ओर से जबरन उठाने के मामले में परिजनों ने आला नेताओं को पत्र लिखकर मदद मांगी है. किशोरीलाल के परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, और सीएम योगी से किशोरी लाल को छुड़ाने के लिए मदद मांगी है. 

सर्राफा व्यापारी किशोरीलाल के बेटे का कहना है कि नेपाल पुलिस में एक निर्दोष भारतीय नागरिक को उठा कर ले गई. उन्होंने सवाल किए कि क्या-क्या भारत सरकार इसकी जिम्मेदारी नहीं है कि उसके नागरिकों में से एक को दूसरे देश में ले जाया गया है. मामले की जानकारी देते हुए सर्राफा व्यापारी किशोरीलाल के बेटे विकास सोनी ने कहा कि जब हम इस मामले में पुलिस के पास पहुंचे, तो पुलिस ने कहा कि कई साल पुराने चोरी और हत्या के मामले के नेपालगंज पुलिस मेरे पिता को ले गई है. मामला दूसरे देश का है इसलिए वो कोई मदद नहीं कर सकती. 

Kishorilal Soni son writes letter to PM Modi CM Yogi Adityanath and Sushma Swara to take a action

विकास सोनी ने बताया कि यूपी पुलिस ने एक नंबर उन्हें दिया, जिसके बाद नेपाल पुलिस से उन्होंने संपर्क किया और अपने पिता से बात की. फोन पर उनके पिता ने उनसे कहा उनकी दुकान के पास से ही उनका अपहरण कर लिया गया था. उन्होंने कहा वो इस वक्त कहा हैं, उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है. 

सर्राफा व्यापारी किशोरीलाल की पत्नी का कहना है कि 28 सितंबर की रात को उनके पति दुकान बंद कर वापस लौट रहे थे, तभी ये घटना हुई. उनकी पत्नी का कहना है कि भारत को इस घटना पर कड़ा कदम उठाकर, उनके पति को सुरक्षित वापस लाना चाहिए, क्यों उन्हें नेपाल पुलिस पर बिलकुल विश्वास नहीं है.

 

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आपको बता दें कि बीती 28 सितंबर को किशोरीलाल सोनी को कुछ कार सवार लोगों ने अगवा किया था. ये पूरी घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई थी, जिसमें एक सफेद रंग की कार से दो लोग उतरते हैं और स्कूटी से आ रहे किशोरी लाल को जबरन कार में बिठाकर चले जाते हैं. तभी पीछे से दो बाइक सवार युवक आते हैं. उसमें से एक युवक किशोरी लाल की स्कूटी लेकर चला जाता है. घटना के बाद किशोरीलाल के परिवार ने अपरहण की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज करवाई, जिसके बाद हुई जांच में पता चला की नेपाल पुलिस एक केस के सिलसिले में बिना स्थानीय पुलिस को सूचित किए बिना ही किशोरीलाल को उठा ले गए.