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शाहजहांपुर की इस अनोखी रामलीला में महिलाएं ही करती हैं रामायण के पात्रों का अभिनय

रामलीला मंचन के लिए तैयारी कर रही यह महिलाएं शाहजहांपुर के कृभको फर्टिलाइजर लिमिटेड खाद फैक्ट्री के अधिकारियों और कर्मचारियों के परिवार की महिलाएं हैं.

शाहजहांपुर की इस अनोखी रामलीला में महिलाएं ही करती हैं रामायण के पात्रों का अभिनय
दशहरे वाले दिन लाइट और साउंड का इस्तेमाल करके यह सभी महिलाएं रामलीला का मंचन करती हैं.

शिव कुमार/शाहजहांपुर: शारदीय नवरात्र के शुरू होते ही देशभर में रामलीलाओं का मंचन होता है. रामलीलाओं में वैसे तो पुरुष कलाकार ही सभी किरदार निभाते है, लेकिन शाहजहांपुर में रामायण के सभी पात्रों को महिलाएं निभाती हैं. शाहजहांपुर में होने वाली ये रामलीला काफी प्रसिद्ध है. यहां चाहे रावण हो या राम, सारे किरदार महिलाएं ही निभाती हैं. महिलाओं के इस रामायण मंचन का मकसद अपने परिवार में रामायण के आदर्शों को जीवन में उतारना है.

रामलीला मंचन के लिए तैयारी कर रही यह महिलाएं शाहजहांपुर के कृभको फर्टिलाइजर लिमिटेड खाद फैक्ट्री के अधिकारियों और कर्मचारियों के परिवार की महिलाएं हैं. टाउनशिप में हर दशहरा पर रामायण का मंचन किया जाता है. खास बात है कि रामायण के मंचन में किसी भी पुरुष कलाकार को शामिल नहीं किया जाता है. यहां के राम लीला में सिर्फ महिलाएं ही रामायण के चरित्रों का मंचन करती हैं. यहां राम भी महिला, लक्ष्मण भी महिला, रावण भी महिला और दशरथ का रोल भी महिलाएं ही करती हैं. दशहरे वाले दिन लाइट और साउंड का इस्तेमाल करके यह सभी महिलाएं रामलीला का मंचन करती हैं. कड़ी मेहनत के बाद यह सभी महिलाएं अपने-अपने रोल को बेहतरीन तरीके से निभाती हैं.

महिलाओं का कहना है कि रामलीला मंचन करने का उद्देश्य यह है कि इस तरह के मंचन से उनके अंदर कला की भावना तो पैदा होती है. साथ ही रामायण के आदर्शों को भी वो अपने परिवार में उतारने की कोशिश करती हैं. रामायण का मंचन करने वाली सभी महिलाएं खाद फैक्ट्री के अधिकारियों और कर्मचारियों के परिवार की हैं. इन महिलाओं का यह भी मानना है कि महिला सशक्तिकरण के दौर में अगर यह महिलाएं मंचन करती है तो, कहीं ना कहीं रामायण के चरित्र और उनके आदर्श उनकी जिंदगी में बदलाव ला सकते हैं.