फरहा फैज़ ने एक बार फिर उलेमाओं को डिबेट के लिए किया चैलेंज

उन्होंने कहा, 'ये मुझसे सवाल पूछें मैं इनको जवाब दूंगी और उसके बाद फिर मेरा चैलेंज है कि कॉन्स्टिट्यूशन पर मुझसे डिबेट करें और मेरे सवालों का जवाब दें और अगर इन्होंने मेरे सवालों का जवाब दे दिया तब मैं मानूंगी यह जानकार है

फरहा फैज़ ने एक बार फिर उलेमाओं को डिबेट के लिए किया चैलेंज
फरहा फैज़ ने देवबंद आकर जवाब देते हुए कहा कि आज मैं उनके चैलेंज पर देवबंद आई हूं (फाइल फोटो)

 

सैयद उवैस अली, देवबंदः सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता व तीन तलाक की मुख्य याचिकाकर्ता फरहा फैज़ द्वारा रविवार को ट्रिपल तलाक पर दिए ब्यान पर देवबंदी उलेमा ने विरोध कर उनको देवबंद में न आने की चेतावनी दी थी. जिसका सोमवार को फरहा फैज़ ने देवबंद आकर जवाब देते हुए कहा की आज मैं उनके चैलेंज पर देवबंद आई हूं और वह मुझसे शरीयत की बातों पर डिबेट कर सकते है लेकिन वह उन मुल्लाओं की बनाई हुई शरीयत पर नही बल्कि अल्लाह की बनाई हुई शरीयत पर डिबेट करेंगी.

फरहा फैज़ ने कहा, 'जो अपनी बनाई हुई शरीयत को मुसलमानों पर थोप रहे है उनको चिन्हित कर उनके खिलाफ देश्द्रोह में सजा मिलनी चाहिए.' उन्होंने कहा, 'आज मैंने प्रेस कॉन्फ्रेंस इसलिए की है ताकि दारुल उलूम देवबंद के ऑनलाइन फतवा एक्शन के मुफ्ती ने मुझे ये कहा कि फराह फैज जो है सस्ती लोकप्रियता के लिए ये सारे काम कर रही है अगर वो इसे सस्ती लोकप्रियता की बात करें तो उनको शर्म आनी चाहिए और इसलिए मैं आज उनकी बात का जवाब देने के लिए देवबंद में खासतौर से आई हूं. क्योंकि पिछले साल भी उन्होंने मेरी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस होना था वो उसका उन्होंने विरोध किया था और कहा था कि फरहा फैज को शरीयत की जानकारी नहीं है और वो पहले डिबेट करें इस्लाम की जानकारी लें और देवबंद में वो किसी भी तरह से कदम नहीं रख रख सकती.'

फरहा फैज ने कहा, 'आज मैं उनकी बात का हर बात का जवाब देने के लिए खास तौर से देवबंद आई हूं कि मुझे शरियत की जानकारी मुझे है या नहीं लेकिन कौन सी शरियत वो शरीयत जो इन मुल्लाओं की बनाई हुई है और उसकी जानकारी मुझे नहीं है लेकिन जो अल्लाह की शरीयत है उसकी जानकारी है मुझे और अगर ये डिबेट करना चाहे तो मैं उसके लिए तैयार हूं मुझ से डिबेट करें और मैं देवबंद में खासतौर से आई हूं और ये एक राजपूतानी का वादा है कि मैं किसी भी तरह से पीछे नहीं हटूंगी.'

उन्होंने कहा, 'ये मुझसे सवाल पूछें मैं इनको जवाब दूंगी और उसके बाद फिर मेरा चैलेंज है कि कॉन्स्टिट्यूशन पर मुझसे डिबेट करें और मेरे सवालों का जवाब दें और अगर इन्होंने मेरे सवालों का जवाब दे दिया तब मैं मानूंगी यह जानकार है. इस्लाम के मेरा टारगेट है जो ढोंगी लोग हैं. इस तरह के जो अल्लाह की शरीयत का गलत प्रयोग कर रहे हैं और अपनी बनाई हुई शरीयत को मुसलमानों पर थोप रहे हैं उनको चिन्हित किया जाए और उस को देशद्रोह के मामले में उनको सजा मिले.'