कृषि भवन में अफसरों से मिला किसानों का प्रतिनिधिमंडल, मानी गईं 5 मांगें, धरना खत्‍म

भारतीय किसान संगठन के अध्यक्ष पूरन सिंह ने बताया कि सरकार ने किसानों की 15 में से 5 मांगें मानी हैं. आंदोलन को वापस नहीं लिया जा रहा है. यह अस्‍थाई व्‍यवस्‍था है. हम 10 दिन बाद प्रधानमंत्री से इस मामले में मुलाकात करेंगे.

कृषि भवन में अफसरों से मिला किसानों का प्रतिनिधिमंडल, मानी गईं 5 मांगें, धरना खत्‍म
भारतीय किसान संगठन के अध्‍यक्ष ने दी जानकारी. फोटो ANI

नई दिल्‍ली: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के हजारों किसान (farmer) अपनी मांगों को लेकर आज दिल्ली (Delhi) कूच करने दिल्‍ली-यूपी के बॉर्डर पर‍ स्थित गाजीपुर में एकत्र हुए. किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने कृषि भवन में अफसरों से मुलाकात की. सरकार की ओर से उनकी 5 मांगें मान ली गई हैं. इसके बाद किसानों ने दिल्‍ली-यूपी सीमा पर अपना धरना खत्‍म कर दिया है और वापस लौटना शुरू कर दिया है.

भारतीय किसान संगठन के नेतृत्‍व में यह पदयात्रा 11 सितंबर को सहारनपुर से शुरू हुई थी जो आज गाजियाबाद-दिल्‍ली बॉर्डर पर स्थित यूपी गेट पर पहुंची. इस दौरान हजारों किसान यहां धरने पर बैठे थे. किसानों को दिल्‍ली जाने से रोकने के लिए यूपी गेट पर भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया था. यूपी के हजारों किसान कर्जमाफी और बकाया भुगतान समेत 15 सूत्रीय मांगों को लेकर पूरा कराने के संबंध में आंदोलन कर रहे हैं.

किसानों 11 सदस्‍यीय प्रतिनिधिमंडल ने कृषि भवन में जाकर अफसरों से वार्ता की. भारतीय किसान संगठन के अध्यक्ष पूरन सिंह ने बताया कि सरकार ने किसानों की 15 में से 5 मांगें मान ली हैं. आंदोलन को वापस नहीं लिया जा रहा है. यह अस्‍थाई व्‍यवस्‍था है. हम 10 दिन बाद बची हुई मांगों के संबंध में प्रधानमंत्री से इस मामले में फिर मुलाकात करेंगे. उन्‍होंने कहा कि अगर सरकार हमारी सभी मांगें मानती है तो हम आंदोलन को खत्‍म करेंगे. अगर मांगें नहीं मानी गईं तो हम सहारनपुर से फिर आंदोलन शुरू करेंगे.

इससे पहले भारतीय किसान संगठन के अध्‍यक्ष पूरन सिंह ने कहा था कि किसानों की मांगों के संबंध में 11 किसान प्रतिनिधि कृषि भवन में सरकारी अधिकारियों से बातचीत करने गए हैं. अगर हमारी मांगें मान ली जाती हैं तो हम दिल्‍ली-यूपी बॉर्डर से लौट जाएंगे, वरना हम दिल्‍ली कूच करेंगे. 


दिल्‍ली कूच कर रहे हैं किसान. फोटो ANI

किसानों को रोकने के लिए वाटर कैनन, फायर ब्रिगेड, रैपिड एक्शन फोर्स समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया. अपनी मांगों को लेकर नोएडा से दिल्ली की तरफ कूच कर रहे किसानों का कहना है कि सरकार उनकी बातों को सुनना ही नहीं चाहती है. किसानों का कहना था कि वो पिछले 12 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन उनसे बात करने तक को कोई नहीं आया. इसलिए अब उनके पास किसान घाट तक यात्रा निकालने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा.

किसानों का यह आंदोलन किसान संगठन और सरकार के बीच वार्ता विफल होने के बाद शुरू हुआ. किसानों को रोकने के लिए गाजियाबाद-दिल्‍ली बॉर्डर पर स्थित यूपी गेट पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. नेशनल हाइवे से दिल्ली की तरफ जाने वाले फ्लाईओवर और रास्ते पर बेरिकेड लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया था. इससे हाईवे पर लंबा जाम लग गया.

देखें LIVE TV

गाजियाबाद के एसपी सिटी श्‍लोक कुमार ने सुबह कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो आम जनता के लिए रुट डायवर्ट किया जाएगा. दिल्ली पुलिस ने भी अपनी तैयारी पूरी कर रखी थी. दिल्ली के अंदर जाने वाले रास्तों को सील कर दिया था और रैपिड एक्शन फोर्स समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया.