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लोकसभा चुनाव 2019 : कांग्रेस के कद्दावर नेता हैं हरीश रावत, क्या फिर मिल पाएगी उत्तराखंड की गद्दी

रावत 1980 में पहली बार अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर सांसद चुने गए थे. जिसके बाद 1984 और1989 में भी उन्होंने इसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया.

लोकसभा चुनाव 2019 : कांग्रेस के कद्दावर नेता हैं हरीश रावत, क्या फिर मिल पाएगी उत्तराखंड की गद्दी
उत्तराखंड के एक छोटे से गांव में जन्में हरीश रावत आज प्रदेश के सबसे बड़े चेहरों में से एक हैं. (फाइल फोटो)

नई दिल्लीः कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में शुमार किए जाने वाले हरीश रावत एक ऐसे राजनेता हैं, जिन्होंने काफी मेहनत के बाद देश के राजनीति में अपना अहम स्थान बनाया है. अपने प्रतिद्वंद्वियों से कई बार मात खा चुके हरीश रावत कई मुश्किलों के बाद केंद्र में मंत्री पद तक पहुंचे और इसके बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की कुर्सी भी संभाली. उत्तराखंड के एक छोटे से गांव में जन्में हरीश रावत आज प्रदेश के सबसे बड़े चेहरों में से एक हैं.

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अगर हरीश रावत के जन्म और उनके परिवार की बात करें तो हरीश रावत का जन्म 27 अप्रैल 1947 को उत्‍तराखंड के अलमोड़ा जिले के मोहनारी में एक राजपूत परिवार में हुआ. उनकी मां का नाम देवकी और पिता का नाम राजेंद्र सिंह है. हरीश रावत ने उत्‍तराखंड से अपनी स्‍कूली शिक्षा पूरी की और फिर उत्तर प्रदेश के लखनऊ से स्नातक और एलएलबी किया.
  
राजनीतिक जीवन
बात करें हरीश रावत के राजनीतिक जीवन की तो उन्होंने अपनी पढ़ाई के दौरान ही भारतीय युवक कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली थी, जिसके बाद 1973 में कांग्रेस की जिला युवा इकाई के प्रमुख चुने गए. उत्तराखंड में उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत तब हुई जब उत्तर प्रदेश से अलग एक अलग राज्य उत्तराखंड की स्थापना  की गई. हरीश रावत ने यहां कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष का कार्यभार संभाला. 

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रावत 1980 में पहली बार अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर सांसद चुने गए थे. जिसके बाद 1984 और1989 में भी उन्होंने इसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया. 2012 में कांग्रेस के प्रदेश में बहुमत हासिल करने के बाद रावत का नाम मुख्यमंत्री की दौड़ में सबसे आगे रहा, लेकिन फिर भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी. हालांकि 2014 में उनका सपना पूरा हुआ और वह प्रदेश के मुखिया चुने गए. 

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बता दें इस बार के लोकसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत नैनीताल सदीय सीट चुनाव लड़ रहे हैं, जहां उनका मुकाबला भाजपा के अजय भट्ट से है. ऐसे में जहां एक ओर हरीश रावत के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मोदी लहर की बड़ी चुनौती है तो वहीं भाजपा को भी राज्य के दिग्गज नेता हरीश रावत का सामना करना पड़ेगा.