'अपना दल' को अपनाने की तैयारी में अखिलेश यादव, क्या मोदी सरकार को दे पाएंगे जोर का झटका?
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'अपना दल' को अपनाने की तैयारी में अखिलेश यादव, क्या मोदी सरकार को दे पाएंगे जोर का झटका?

सूत्रों के हवाले से खबर है कि उत्तर प्रदेश में BJP को बड़ा झटका देने के लिए समाजवादी पार्टी खास फॉर्मूला तैयार कर रही है. सूत्रों के मुताबिक सपा अनुप्रिया पटेल के अपना दल एस और कृष्णा पटेल के अपना दल को एक साथ महागठबंधन में लाने के लिए तैयार किया है.

वासुदेव त्रिपाठी, लखनऊ: लोकसभा चुनाव (Lok sabha election 2019) को देखते हुए राजनीति हर रोज नया रंग दिखा रही है. बीजेपी से लड़ने के लिए विपक्षी पार्टियां लगातार अपने खेमे की मजबूती में जुटे हैं. राजनीतिक रूप से बेहद अहम उत्तर प्रदेश में बीजेपी को पटखनी देने के लिए समाजवादी पार्टी एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि उत्तर प्रदेश में BJP को बड़ा झटका देने के लिए समाजवादी पार्टी खास फॉर्मूला तैयार कर रही है. सूत्रों के मुताबिक सपा अनुप्रिया पटेल के अपना दल एस और कृष्णा पटेल के अपना दल को एक साथ महागठबंधन में लाने के लिए तैयार किया है.

सपा अनुप्रिया पटेल की अपना दल एस को गठबंधन में शामिल करके और कृष्णा पटेल को अपनी पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़ने की पेशकश कर सकती है. समाजवादी पार्टी NDA के सभी सहयोगियों को महागठबंधन के खेमे में लाने के लिए तैयारी कर रहे हैं.

कृष्णा पटेल सपा-बसपा से भी बातचीत में होने की बात पहले ही कह चुकी हैं. अनुप्रिया और आशीष पटेल भी BJP को हालात न सुधारने पर NDA छोड़ने की चेतावनी दे चुके हैं. कृष्णा पटेल ने अनुप्रिया के साथ एक गठबंधन में जाने के सवाल पर संकेत दिया था. उन्हें बेटी के साथ किसी गठबंधन का हिस्सा बनने में आपत्ति नहीं होगी.

मालूम हो कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल सहित के साथ अन्य छोटे दलों ने मिलकर गठबंधन बना रहे हैं. हालांकि औपचारिक ऐलान बाकी है. 2014 के लोकसभा चुनाव में अपना दल एनडीए का हिस्सा थी. चुनाव में अपना दल को दो सीटें आई थीं.

अपना दल की BJP को दो-टूक
केन्द्र और उत्तर प्रदेश की सरकार में सहयोगी पार्टी अपना दल-सोनेलाल ने बीजेपी प्रदेश नेतृत्व को आगाह करते हुए कहा कि वह सहयोगियों के साथ अपना व्यवहार सुधारे नहीं तो पार्टी ‘कोई भी निर्णय’ ले सकती है. अपना दल-सोनेलाल के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष पटेल ने यहां कार्यकर्ता सम्मेलन में कहा कि उनकी पार्टी वर्ष 2014 से बीजेपी के साथ गठबंधन में है और वह इसका धर्म पूरी ईमानदारी से निभा रही है. मगर उत्तर प्रदेश में पार्टी को बीजेपी से वह सम्मान नहीं मिल रहा है, जिसकी वह हकदार है.

उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा ‘‘आप (बीजेपी) अपना व्यवहार बदलिये, वरना हमारी नेता (अनुप्रिया) कोई भी निर्णय ले सकती हैं." हालांकि पटेल ने ऐसे किसी भी निर्णय के बारे में विस्तार से कुछ नहीं कहा.

पटेल ने अपनी पार्टी को शेर बताते हुए बीजेपी के प्रति चेतावनी भरे लहजे में कहा "शेर को जगाइये मत. यह शेर आपके पीछे चल रहा है, इसे हिंसक मत बनाइये. हमारी नेता जो भी निर्णय लेंगी, पूरी पार्टी उसका समर्थन करेगी.‘‘ पटेल ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश बीजेपी का एक धड़ा ऐसा भी है जो नहीं चाहता कि केंद्र में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अगली सरकार बने. यही धड़ा अपना दल को भी परेशान कर रहा है. बाद में प्रेस कांफ्रेंस में पटेल से पूछा गया कि वह कौन सा धड़ा है, तो उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि यह पता लगाना आपका काम है.

पटेल ने कहा कि वह किसी को धमकी नहीं दे रहे हैं, बल्कि अनुरोध कर रहे हैं कि प्रदेश की बीजेपी सरकार दलितों और पिछड़ों में फैली निराशा को खत्म करे और यह काम कैसे होगा, इसे आप बखूबी जानते हैं.

उन्होंने कहा कि पार्टी की संरक्षण अनुप्रिया पटेल केन्द्र में स्वास्थ्य राज्यमंत्री हैं, लेकिन उन्हें उत्तर प्रदेश में उन्हीं के मंत्रालय से जुड़ी परियोजनाओं से सम्बन्धित कार्यक्रमों में आमंत्रित नहीं किया जाता है. उन्होंने कहा कि प्रदेश बीजेपी सरकार ने निगमों में अध्यक्ष तथा अन्य पदाधिकारियों के पदों पर नियुक्ति में भी अपना दल की घोर उपेक्षा की. मालूम हो कि पटेल हाल के दिनों में प्रदेश बीजेपी और योगी सरकार की कार्यप्रणाली से नाराजगी भरे बयान देते रहे हैं लेकिन वह बीजेपी का साथ छोड़ने की सम्भावना से इनकार कर रहे हैं. अपना दल-सोनेलाल ने वर्ष 2014 का लोकसभा चुनाव और 2017 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव बीजेपी के साथ मिलकर लड़ा था. लोकसभा में उसके दो सांसद और प्रदेश विधानसभा में उसके आठ विधायक हैं.

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